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मिसाइल से लैस चीनी विमान ने अमेरिकी एयरक्राफ्ट का 15 मिनट तक किया पीछा, दक्षिण चीन सागर के ऊपर दी धमकी

By विनीत कुमार | Updated: February 26, 2023 14:15 IST

चीनी लड़ाकू विमान द्वारा एक बार फिर अमेरिकी गश्ती विमान का पीछा करने की बात सामने आई है। पिछले साल दिसंबर में भी ऐसा ही कुछ हुआ था। अमेरिकी सेना ने तब कहा था कि चीन के एक विमान ने दक्षिण चीन सागर पर अमेरिकी वायुसेना के टोही विमान के पास खतरनाक तरीके से उड़ान भरी थी।

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नई दिल्ली: अमेरिकी क्षेत्र में हाल में चीन के कथित जासूसी गुब्बारे के मार गिराए जाने के बाद अब दोनों देशों के बीच तनातनी का एक और मामला सामने आया है। सामने आई जानकारी के अनुसार हवा से हवा मार करने वाले मिसाइल से लैस चीन के जे-11 लड़ाकू विमान ने दक्षिणी चीन सागर के ऊपर पैरासेल द्वीप (Paracel Island) के पास एक अमेरिकी गश्ती विमान को रोकने की कोशिश की। घटना शुक्रवार की है।

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार यूएस नेवी का P-8 पोसिडोन विमान दक्षिणी चीन सागर के ऊपर 21,500 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। इसी दौरान पायलट ने एक विमान देखा जिसके पीछे के हिस्से पर लाल रंग से तारे (Red star) का चिह्न बना हुआ था और इसमें मिसाइल भी लगे हुए थे। यह चीनी विमान था और अमेरिकी विमान के पंख से कुछ सौ फीट की दूरी पर उड़ान भर रहा था। इसने अपना रास्ता बदलने से पहले करीब 15 मिनट तक अमेरिकी विमान का पीछा किया।

अमेरिकी गश्ती विमान को चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी से एक संदेश भी मिला। इसमें कहा गया था- 'अमेरिकी विमान, चीनी हवाई क्षेत्र 12 समुद्री मील दूर है। अब आगे और जाने की कोशिश नहीं करो नहीं तो तुम जिम्मेदार होगे।'

गौरतलब है कि चीन लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर दावा करता है और विवादित जलमार्ग में अन्य देशों द्वारा सैन्य गतिविधि पर कड़ी आपत्ति जताता रहा है। यह स्थान इसलिए बेहद अहम हो जाता है क्योंकि इसके माध्यम से हर साल 5 ट्रिलियन डॉलर का सामान भेजा जाता है।

चीन ने लगाया अमेरिका पर जासूसी का आरोप

चीन ने अमेरिका पर जासूसी करने के लिए गश्ती विमान का उपयोग करने का भी आरोप लगाया है और इस तरह से खतरनाक तरीके से आमने-सामने आ जाने वाली स्थिति पर बातचीत के लिए अमेरिकी पहल का जवाब नहीं दिया है। ये भी गौर करने की बात है कि पैरासेल द्वीप, जिसके करीब अमेरिकी विमान को रोका गया, वह चीन, फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान के लिए एक विवादित क्षेत्र है। सभी यहां अपना दावा करते हैं। यह हाल के वर्षों में अमेरिका और चीन के बीच तनाव की एक वजह के तौर पर भी उभरा है।

चीन इस पूरे क्षेत्र पर अपना दावा आक्रामकता के साथ करता है और उसने कृत्रिम द्वीप, सैन्य ठिकाने, रनवे आदि का भी निर्माण किया है। पैरासेल द्वीप में ऐसा ही एक सैन्य अड्डा है और चीन आसपास के 12 समुद्री मील के हवाई क्षेत्र को अपना बताता है।

पिछले साल दिसंबर में भी कुछ ऐसी ही स्थिति आई थी जब चीनी नौसेना के लड़ाकू विमान ने दक्षिण चीन सागर पर अमेरिकी वायुसेना के एक टोही विमान के पास खतरनाक तरीके से उड़ान भरी थी। अमेरिकी सेना ने बाद में बताया कि अमेरिकी पायलट ने अपनी कुशलता से दोनों विमान को भिड़ने से बचा लिया था। 

टॅग्स :चीनअमेरिका
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