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अपने नागरिकों की मौत के लिए चीन ने पाकिस्तान से मांगा 38 मिलियन डॉलर का मुआवजा

By रुस्तम राणा | Updated: October 16, 2021 12:30 IST

इस रिपोर्ट में लिखा है कि दासू हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पर दोबारा काम शुरू करने से पहले चीन चाहता है कि पाकिस्तान को मारे गए उसके इंजीनियर्स के परिजनों को मुआवजा दे। जुलाई में चीन के इंजीनियर पर हुए हमले के बाद डैम पर काम रुका हुआ है।

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ठळक मुद्देयह खबर 'बिजनेस रिकॉर्डर' में हुई प्रकाशित चीनी ने अपने नागरिकों की सुरक्षा और मुआवजे की रखी मांग चीनी इंजीनियर्स को ले जा रही बस में हुआ था बम विस्फोट

पाकिस्तान को उसके सदाबहार दोस्त चीन ने बड़ा झटका दिया है। चीन ने दासू डैम प्रोजेक्ट पर हुए बम विस्फोट में मारे गए अपने लोगों के लिए पाकिस्तान से मुआवजे के रूप में 38 मिलियन अमेरिकी डॉलर की मांग की है। दरअसल इस हादसे में 13 लोगों सहित 9 चीनी इंजीनियर्स की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे, पाकिस्तान ने कहा था कि वह इस हादसे की जांच करेगा। 

यह खबर 'बिजनेस रिकॉर्डर' में हुई प्रकाशित 

यह खबर पाकिस्तानी मीडिया के एक न्यूज आउलेट 'बिजनेस रिकॉर्डर' प्रकाशित हुई है। इस रिपोर्ट में लिखा है कि दासू हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट पर दोबारा काम शुरू करने से पहले चीन चाहता है कि पाकिस्तान को मारे गए उसके इंजीनियर्स के परिजनों को मुआवजा दे। जुलाई में चीन के इंजीनियर पर हुए हमले के बाद डैम पर काम रुका हुआ है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी सरकार और चीनी दूतावास के बीच उच्च स्तर पर चर्चा की जा रही है, ताकि इस प्रोजेक्ट पर दोबार काम किया शुरू किया जा सके।

चीनी ने अपने नागरिकों की सुरक्षा और मुआवजे की रखी मांग 

गेझूबा ग्रुप कॉरपोरेशन नामक चीनी कंपनी दासू डैम प्रोजेक्ट पर काम कर रही है जिसने इस हादसे के बाद काम को रोक दिया था। पाकिस्तान सरकार के अनुरोध पर कंपनी ने काम शुरू करने की बात कही थी लेकिन डैम पर अभी काम शुरू नहीं हुआ है। कंपनी का कहना है कि जब तक चीनी नागरिकों की सुरक्षा और मुआवजे का प्रबंधन नहीं हो जाता तब तक वह डैम पर काम शुरू नहीं करेगी।  

चीनी इंजीनियर्स को ले जा रही बस में हुआ था बम विस्फोट

शुरूआत में पाकिस्तानी सरकार ने दासू डैम हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट में हुए हमले को आतंकी हमला नहीं माना था, बल्कि यह माना था कि इंजीनियर्स को ले जा रही बस गिर गई थी। लेकिन बाद में जब चीन ने यह कहते हुए पाकिस्तान के ऊपर दबाव डाला कि हम स्वयं ही इस हमले की जांच करेंगे तब जाकर पाकिस्तान ने यह माना हां यह एक बम ब्लास्ट के जरिए हमला किया गया था। बहरहाल, पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। ऐसे में चीन की इस डिमांड ने पाकिस्तान की मुश्किलों को और भी बढ़ा दिया है। 

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