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यहां मंदिरों पर होने वाले हमले...हमें स्वीकार्य नहीं, सिडनी में पीएम मोदी की सख्त टिप्पणी, अल्बनीज ने कार्रवाई का दिया आश्वासन

By अनिल शर्मा | Updated: May 24, 2023 09:22 IST

पीएम ने कहा, ग्रीन हाइड्रोजन पर एक टास्क फोर्स के गठन का निर्णय लिया। कल ऑस्ट्रेलियाई CEO's से विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को लेकर मेरी उपयोगी बात हुई।

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ठळक मुद्देप्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ऑस्ट्रेलिया संबंधो का परिप्रेक्ष्य केवल दो देशों तक सीमित नहीं है।क्वाड समिट में प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बनीज के साथ हमने इंडो-पैसिफिक पर भी चर्चा कीः पीएम मोदीमोदी ने कहा- भारत ऑस्ट्रेलिया सहयोग ग्लोबल साउथ की प्रगति में भी लाभकारी हो सकते हैं।

सिडनीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ बुधवार को द्विपक्षीय बैठक की। बैठक में भारत के विदेश मंत्री (ईएएम) एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने भी भाग लिया। बैठक में व्यापार और निवेश, रक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा सहित समग्र द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया गया। इस दौरान पीएम मोदी और एंथनी दोनों देशों के बीच समझौता ज्ञापनों के आदान-प्रदान के साक्षी बने। 

वार्ता से पहले मोदी को यहां एडमिरल्टी हाउस में रस्मी गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद अल्बीनेज और पीएम मोदी के बीच वार्ता हुई। आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना वार्ता के प्रमुख क्षेत्रों में से एक है।  बैठक के बाद ज्वाइंट प्रेस स्टेटमेंट में पीएम मोदी ने कहा कि क्रिकेट की भाषा में कहूं तो हमारे और ऑस्ट्रेलिया के संबंध टी 20 मोड में आ गए हैं। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच जीवित पुल है।

ऑस्ट्रेलिया में मंदिरों पर होने वाले हमलों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यहां मंदिरों पर होने वाले हमलों और अलगाववादी तत्वों की गतिविधियों के संबंध में हमने पहले भी बात की थी और आज भी बात की है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के सौहार्दपूर्ण रिश्तों को कोई भी तत्व अपने विचारों या एक्शन से आघात पहुंचाए ये हमें स्वीकार्य नहीं है।

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इस पर कहा कि "मैंने उन्हें (प्रधानमंत्री मोदी) आश्वासन दिया कि ऑस्ट्रेलिया एक ऐसा देश है जो लोगों की आस्था का सम्मान करता है ... हम धार्मिक मंदिरों पर इस तरह के चरम कार्यों और हमलों को बर्दाश्त नहीं करते हैं, चाहे वे हिंदू मंदिर हों, सिनेगॉग हों या चर्च। ऑस्ट्रेलिया में इसका कोई स्थान नहीं है। बकौल ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री- हम एक सहिष्णु, बहुसांस्कृतिक राष्ट्र हैं, और इसके लिए ऑस्ट्रेलिया में कोई जगह नहीं है।

मोदी ने कहा, आज प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज से वार्ता में हमने अगले दशक में अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की बात की। नए क्षेत्रों में आपसी सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि आज खनन और महत्वपूर्ण खनिज के संबंध अपने रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर सकारात्मक चर्चा हुई। नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग के लिए ठोस क्षेत्र की पहचान की। पीएम ने कहा, ग्रीन हाइड्रोजन पर एक टास्क फोर्स के गठन का निर्णय लिया। कल ऑस्ट्रेलियाई CEO's से विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को लेकर मेरी उपयोगी बात हुई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ऑस्ट्रेलिया संबंधो का परिप्रेक्ष्य केवल दो देशों तक सीमित नहीं है। यह क्षेत्रीय स्थिरता, शांति और विश्व कल्याण से भी जुड़ा है। क्वाड समिट में प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बनीज के साथ हमने इंडो-पैसिफिक पर भी चर्चा की। भारत ऑस्ट्रेलिया सहयोग ग्लोबल साउथ की प्रगति में भी लाभकारी हो सकते हैं।

वहीं ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया और भारत दोनों देशों में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। हमारे दोनों देशों में पहले से ही बहुत मजबूत दोस्ती है और हमारे भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय ने बहुत योगदान दिया है। पीएम मोदी के साथ मिलकर हम भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच संबंधों को और भी मजबूत बना रहे हैं।

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