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पाकिस्तान में थम नहीं रहा है अल्पसंख्यकों पर अत्याचार, दो सिखों को मारी गई गोली, हुई मौत

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: May 15, 2022 15:02 IST

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा स्थित पेशावर के सरबंद इलाके में रविवार को अज्ञात हमलावरों ने सिख समुदाय के दो लोगों की गोली मारकर बर्बर हत्या कर दी है।

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ठळक मुद्देपेशावर में अज्ञात हमलावरों ने सिख समुदाय के दो लोगों की गोली मारकर बर्बर हत्या कर दी हैपेशावर पुलिस के मुताबिक मारे गए दो सिख नागरिक सरबंद के बाटा ताल बाजार में मसाले बेचते थे सितंबर 2021 में भी अज्ञात हमलावरों ने पेशावर के प्रसिद्ध सिख 'हकीम' की गोली मारकर हत्या कर दी थी

पेशावर: पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर होने वाले जानलेवा हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। धार्मिक रूप से अल्पसंख्य हिंदू, ईसाई और सिख समुदायों के खिलाफ लगातार होने वाली हिंसा की खबरें अक्सर ही पड़ोसी मुल्क से आती रहती हैं।

जानकारी के मुताबिक आतंक और हिंसक घटनाओं से अशांत खैबर पख्तूनख्वा स्थित पेशावर के सरबंद इलाके में रविवार को अज्ञात हमलावरों ने सिख समुदाय के दो लोगों की गोली मारकर बर्बर हत्या कर दी है।

घटना के सिलसिले में जानकारी देते हुए पेशावर पुलिस ने कहा कि मारे गए दो सिख नागरिक सरबंद के बाटा ताल बाजार में मसाले बेचते थे और वहीं पर उनकी दुकान भी थी।

पुलिस ने बताया कि मारे गये सिखों की पहचना 42 साल के सालजीत सिंह और 38 साल के रंजीत सिंह के तौर पर की गई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में ले लिया है और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए इलाके में दबिश दे रही है।

दोनों अल्पसंख्यक सिखों के मारे जाने की जानकारी फिलहाल किसी आतंकी संगठन ने नहीं ली है लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि इस हमले में किसी इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन का हाथ हो सकता है।

सूचना के अनुसार मौजूदा समय में पेशावर में लगभग 15,000 सिख रहते हैं और इनमें से अधिकतर व्यवसाय से जुड़े हैं, वहीं कुछ फार्मेसी ​​भी चलाते हैं।

सिखों की हत्या के बाद खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री महमूद खान ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पुलिस-प्रशासन हमलावरों की तलाश कर रहा है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। 

इसके साथ ही मुख्यमंत्री महमूद खान ने कहा कि सिखों की हत्या को इसलिए अंजाम दिया गया ताकि इससे पेशावर का धार्मिक सौहार्द बिगाड़ा जा सके लेकिन शासन मृतकों के परिवारों को न्याय दिलाएगा।

मालूम हो कि इससे पहले सितंबर 2021 में भी अज्ञात हमलावरों ने पेशावर के प्रसिद्ध सिख 'हकीम' की गोली मारकर हत्या कर दी थी। साल 2018 में सिख समुदाय के एक प्रमुख सदस्य चरणजीत सिंह की भी पेशावर में अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी गई थी।

साल 2016 में भी पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नेशनल असेंबली सदस्य सोरेन सिंह की भी पेशावर में हत्या कर दी गई थी। (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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