लाइव न्यूज़ :

ब्रिटेन में परमाणु हथियार तैनात करने की योजना बना रहा है अमेरिका, रूसी हमले का मुकाबला करने के लिए तैयारी

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: January 28, 2024 16:35 IST

शीत युद्ध के खतरों में कमी के दौरान अमेरिकी हथियार आखिरी बार 2008 में ब्रिटेन में तैनात किए गए थे। लेकिन रूस के साथ लगातार बढ़ते तनाव के बीच ये स्थिति फिर आ गई है।

Open in App
ठळक मुद्देब्रिटेन में परमाणु हथियार तैनात करने की योजना बना रहा है अमेरिका ब्रिटेन में रॉयल एयर फ़ोर्स के बेस लैकेनहीथ पर बम रखने की तैयारीहिरोशिमा में गिराए गए बम से तीन गुना ज्यादा ताकतवर

US to keep nuclear weapons in UK: लगभग दो साल से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध और इजरायल-हमास जंग को देखते हुए संयुक्त राज्य अमेरिका को यूरोप में किसी बड़े युद्ध को शुरू होने की चिंता सता रही है। यही कारण है कि अमेरिकारूसी खतरों का मुकाबला करने के लिए ब्रिटेन में परमाणु हथियार तैनात करने की योजना बना रहा है। पेंटागन के दस्तावेजों से ये जानकारी सामने आई है कि ब्रिटेन में रॉयल एयर फ़ोर्स के बेस लैकेनहीथ पर बी61-12 ग्रेविटी बम रखने की तैयारी अमेरिका ने शुरू कर दी है। यह रॉयल एयर फ़ोर्स का स्टेशन  यूके में लेकेनहीथ गाँव के पास है। यह मिल्डेनहॉल से 4.7 मील उत्तर-पूर्व और थेटफोर्ड से 8.3 मील पश्चिम में है। 

टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार हिरोशिमा में गिराए गए बम से तीन गुना ज्यादा ताकतवर हथियार 'तत्काल' तैनात किए जाएंगे। शीत युद्ध के खतरों में कमी के दौरान अमेरिकी हथियार आखिरी बार 2008 में ब्रिटेन में तैनात किए गए थे। लेकिन रूस के साथ लगातार बढ़ते तनाव के बीच ये स्थिति फिर आ गई है।

हालांकि अमोरिका के इस संभावित कदम पर रूस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रूस ने इस कदम को युद्ध को लिए उकसाने वाला बताया है। अमेरिका के रक्षा मंत्रालय ने परमाणु हथियार तैनात करने की योजना की न तो पुष्टि की है न ही इनकार किया है।

दूसरी तरफ रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए यूके के रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह यूके और नाटो की लंबे समय से चली आ रही नीति बनी हुई है कि किसी दिए गए स्थान पर परमाणु हथियारों की मौजूदगी की न तो पुष्टि की जाए और न ही इनकार किया जाए। टेलीग्राफ की रिपोर्ट कहती है कि यह यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के मद्देनजर परमाणु स्थलों को विकसित और उन्नत करने के नाटो कार्यक्रम का हिस्सा है।

बता दें कि दुनिया में अभी नौ देशों के पास परमाणु हथियार हैं। ये देश हैं - अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, फ़्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, इजरायल और उत्तर कोरिया। इन हथियारों में अधिकांश अमेरिका और रूस के पास हैं।  'स्टॉकहोम इंटरनैशनल पीस रिसर्च इंस्टिट्यूट' (सिप्री) के अनुसार 2020 तक अमेरिका के पास 5,800 और रूस के पास 6,375 परमाणु हथियार थे। हालांकि कोई भी देश अपने परमाणु हथियारों की सटीक संख्या नहीं बताता है। ऐसा माना जाता है कि परमाणु शक्ति संपन्न देशों की सेना के पास 9,000 से ज़्यादा परमाणु हथियार हैं। इनमें से 1800 हथियार कभी भी इस्तेमाल किए जाने के लिए हमेशा तैयार हैं।

टॅग्स :अमेरिकाब्रिटेनरूसयूक्रेन
Open in App

संबंधित खबरें

विश्वअसल समस्या ट्रम्प हैं या दुनिया का दरोगा बनने की अमेरिकी मनोदशा?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

कारोबारपाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 458.40, केरोसिन दाम 457.80 और डीजल की कीमत 520.35 रुपये प्रति लीटर?

विश्व2027 में रिटायरमेंट और 2026 में जबरन हटाया?, सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज पर गाज?, ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी रक्षा में हलचल

पूजा पाठगुड फ्राइडे : क्रूस पर इंसानियत का देवता

विश्व अधिक खबरें

विश्वअबू धाबी में रोकी गई ईरानी मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से घायल 12 लोगों में 5 भारतीय शामिल

विश्वअमेरिका-इजरायल के वार बेअसर? हमलों के बावजूद ईरान की मिसाइल क्षमता बरकरार: रिपोर्ट

विश्वNASA Artemis II: पृथ्वी पीछे छूटी, लक्ष्य सामने! मानव इतिहास में पहली बार आर्टेमिस II 'वहां' जाने की तैयारी, जहां कोई नहीं पहुंचा

विश्वकौन कहता है कि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ता!

विश्वक्या खत्म होने वाला है ईरान युद्ध? ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा- "हमने वो पा लिया जिसके लिए लड़ रहे..."