लाइव न्यूज़ :

रूस ने 59 साल बाद जारी किया दुनिया के सबसे ताकतवर परमाणु बम के परीक्षण का वीडियो, देखिए

By विनीत कुमार | Updated: August 27, 2020 12:58 IST

दुनिया के सबसे ताकतवर परमाणु बम का ये परीक्षण 1961 में किया गया था। सोवियत संघ और अमेरिका के बीच तब शीत युद्ध चरम पर था। ऐसे में अपनी ताकत दिखाने के लिए सोवियत संघ की ओर से ये परीक्षण किया गया था।

Open in App
ठळक मुद्देदुनिया के सबसे ताकतवर परमाणु बम के परीक्षण का वीडियो रूस ने किया जारी30 अक्टूबर 1961 को किया गया था परीक्षण, हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम से भी करीब 3300 गुना ज्यादा शक्तिशाली

रूस ने दुनिया के सबसे बड़े और ताकतवर परमाणु परीक्षण का 59 साल पुराना वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में उस परमाणु बम विस्फोट के परीक्षण की पूरी जानकारी भी दी गई है। इसका परीक्षण 30 अक्टूबर 1961 को किया गया था और तभी से इसे लेकर कई तरह की बातें कही जाती रही हैं। इस बम की ताकत का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि ये हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम से भी करीब 3300 गुना से ज्यादा शक्तिशाली है।

रूस ने इसका परीक्षण रूसी आर्कटिक सागर में किया था। इस बम को इवान नाम दिया गया था। माना जाता है कि अब तक दुनिया में हुए परमाणु विस्फोटों में ये सबसे ताकतवर है। परीक्षण के लिए इस बम को रूस के एक विमान ने इसे आर्कटिक समुद्र में नोवाया जेमल्‍या के ऊपर बर्फ में गिराया था। इस परीक्षण को दुनिया 'Tsar Bomba' नाम से भी जानती है। 

बेहद टॉप सीक्रेट रहे रूस के इस मिशन को लेकर रूस के रोस्‍तम स्‍टेट अटॉमिक एनर्जी कॉर्पोरेशन ने बनाए डॉक्यूमेंट्री को इसी 20 अगस्त को यूट्यूब पर अपलोड किया है। इस परीक्षण को कैमरे में कैद करने के लिए कैमरों को सैकड़ों मील की दूरी पर रखा गया था। 

वीडियो में दिखता है कि रूस ने इसे गिराने के लिए अपने बमवर्षक विमान TU-95V में बदलाव किए थे। बम में पैराशूट लगाया गया था ताकि विमानों को सुरक्षित दूरी पर जाने का मौका मिल सके। अगर ऐसा नहीं होता तो विमान भी बम की चपेट में आ जाता। यही नहीं, रेडिएशन से बचने के लिए विमानों पर खास तरह का पेंट लगाया गया था।

परमाणु विस्फोट जब होता है तो क्या होता है, इसकी बानगी इस वीडियो में दिखती है। करीब 30 के इस डॉक्यूमेंट्री में 20वें मिनट के बाद बम विस्फोट कराने के वीडियो सामने आते हैं।   

ये परीक्षण उस दौर में किया गया था जब सोवियत संघ और अमेरिका के बीच शीत युद्ध चरम पर था। रूस ने बम का परीक्षण अपनी ताकत दिखाने के लिए किया था। कहते हैं कि यह बम 100 मेगाटन ऊर्जा पैदा करने की क्षमता रखता था, लेकिन इसकी बर्बादी का स्तर देखने के बाद वैज्ञानिकों ने इसकी क्षमता घटाकर 50 मेगाटन कर दी।  

टॅग्स :रूसअमेरिकायू ट्यूब
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारपश्चिम एशिया संघर्षः भारत मजबूती से उभरा और हालात का डटकर मुकाबला किया?, विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा- युद्ध से करोड़ों लोग परेशान, वीडियो

विश्वअसल समस्या ट्रम्प हैं या दुनिया का दरोगा बनने की अमेरिकी मनोदशा?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

कारोबारपाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 458.40, केरोसिन दाम 457.80 और डीजल की कीमत 520.35 रुपये प्रति लीटर?

विश्व2027 में रिटायरमेंट और 2026 में जबरन हटाया?, सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज पर गाज?, ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी रक्षा में हलचल

ज़रा हटके अधिक खबरें

ज़रा हटकेVIRAL: बुलडोजर पर सवार होकर पहुंची विधायक, वायरल हुआ अनोखा अंदाज

ज़रा हटकेVIDEO: फर्रुखाबाद में दिल दहला देने वाला हादसा, Thar से दबकर बुजुर्ग महिला की मौत

ज़रा हटकेVIDEO: 30 सेकंड में 36 कोड़े से वार; यूपी के मदरसे में 10 साल के मासूम की पिटाई, फुटेज देख कांप जाएंगे आप

ज़रा हटके'चिंकी-मोमो', 'चाइनीज' कहकर किया अपमान, अरुणाचल से आई डांस टीम के साथ पटना में बदसलूकी; VIDEO वायरल

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो