लाइव न्यूज़ :

अपने 'मर्डर' केस की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में पेश हुआ बच्चा, कहा- 'मैं जिंदा हूं'

By रुस्तम राणा | Updated: November 11, 2023 15:43 IST

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, शीर्ष अदालत की पीठ के समक्ष पेश होते हुए बच्चे ने कहा कि उसके नाना और मामाओं को उसके पिता द्वारा झूठा फंसाया जा रहा है।

Open in App
ठळक मुद्दे11 साल का एक बच्चा, जिसकी हत्या के मामले की सुनवाई शीर्ष अदालत कर रही थीनाटकीय अंदाज में बच्चे ने सुनवाई कर रही पीठ के सामने पेश होकर कहा कि "मैं जिंदा हूं"पिता ने बच्चे के नाना और मामाओं को हत्या का दोषी ठहराया गया

नई दिल्ली:सुप्रीम कोर्ट में एक हैरान करने वाला मामला उस वक्त सामने आया जब 11 साल का एक बच्चा, जिसकी हत्या के मामले की सुनवाई शीर्ष अदालत कर रही थी, पीठ के सामने पेश होकर कहा कि "मैं जिंदा हूं"। दरअसल, 10 नवंबर को शीर्ष अदालत में सुनवाई के दौरान नाटकीय दृश्य सामने आए। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के रहने वाले लड़के को मृत मान लिया गया और मामले में उसके नाना और मामाओं को हत्या का दोषी ठहराया गया।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, शीर्ष अदालत की पीठ के समक्ष पेश होते हुए बच्चे ने कहा कि उसके नाना और मामाओं को उसके पिता द्वारा झूठा फंसाया जा रहा है। लड़के के कानूनी वकील, कुलदीप जौहरी ने अखबार को बताया कि लड़के के नाना और चार मामाओं के खिलाफ उसके पिता ने इस साल की शुरुआत में एफआईआर दर्ज कराई थी। उन पर हत्या (धारा 302), जानबूझकर अपमान (धारा 504) आपराधिक धमकी (धारा 506) से संबंधित भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

इसने आरोपी को एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के समक्ष पेश होने के लिए प्रेरित किया। टीओआई ने वकील के हवाले से कहा, "उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका खारिज कर दी, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें लड़के के साथ उसके जीवित होने के सबूत के तौर पर सुप्रीम कोर्ट में पेश होना पड़ा।"

जौहरी ने अखबार को घटनाओं की श्रृंखला के बारे में बताते हुए कहा कि लड़के का जन्म 2010 में हुआ था, लेकिन उसकी मां की कथित तौर पर हत्या के बाद 2013 से वह अपने नाना के साथ रहने लगा। लड़के के पिता पर दहेज के लिए अपनी पत्नी को पीटने का आरोप है, जिससे उसकी मौत हो गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि नाना ने उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 304-बी (दहेज हत्या) के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी।

इसके बाद लड़के के पिता और नाना के बीच उसकी कस्टडी के लिए कानूनी लड़ाई हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ आरोप लगाए और मामले दर्ज कराए।

टॅग्स :सुप्रीम कोर्टपीलीभीतहत्या
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टडंडा और रॉड से हमला कर पत्नी फूल कुमारी दास, 3 बच्चे ह्रदय दास, संध्या दास और सोन दास को मार डाला, चंदनपट्टी गांव से दिल दहला देने वाली घटना

क्राइम अलर्टTelangana: दूसरी शादी के लिए महिला ने पानी की टंकी में डुबोकर अपनी छह साल की बेटी को मार डाला

क्राइम अलर्टTwisha Sharma Death Case: 10000 रुपये इनाम की घोषणा, फरार वकील-पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, पासपोर्ट रद्द करने की प्रक्रिया जारी, वीडियो

क्राइम अलर्टसुखदेवगिरी गोस्वामी से जागृति की शादी, 2 बच्चे की मां को पति के बड़े भाई शांतिगिरी से हुआ प्यार और की शादी, मन नहीं भरा तो कांतिलाल से दूसरा प्रेम?, 25000 रुपये देकर ऐसे रचा साजिश?

भारतकुत्तों के काटने की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता?, सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों और अस्पतालों के पास आवारा कुत्तों को हटाने के आदेश को बरकरार रखा?

ज़रा हटके अधिक खबरें

ज़रा हटकेहेमा मालिनी ई-ऑटो से पहुंचीं मीटिंग में, हूटर बजाते हुए निकला ऑटो, वीडियो वायरल

ज़रा हटके'मोदी जी आप टेंशन मत लो… हम सिर्फ नानी के घर जाते हैं', PM मोदी की अपील पर बच्ची का वीडियो वायरल

ज़रा हटकेजब शादी बनी सामाजिक बदलाव का मंच: बड़वानी के गांव में 3‑डी मुक्त विवाह ने दी नई दिशा

ज़रा हटकेप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील, जम्मू में घोड़ा-तांगे दौड़ाने लगे लोग, वीडियो

ज़रा हटकेकॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यानः हथिनी ने स्वस्थ जुड़वां शावकों को जन्म दिया?, बेहद दुर्लभ घटना मान रहे वन्यजीव विशेषज्ञ, वीडियो