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मिल गया कोरोनावायरस का इलाज !

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 30, 2020 18:36 IST

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आस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों ने चीन में करीब 170 लोगों की जान ले चुके और हजारों लोगों को संक्रमित कर चुके कोरोना वायरस को एक प्रयोगशाला में सफलतापूर्वक विकसित करने का दावा किया है..ऐसा चीन के बाहर पहली बार किया गया है..वैज्ञानिकों का दावा है कि इस महत्वपूर्ण कामयाबी से इस जानलेवा वायरस से लड़ने में मदद मिल सकती है.. पीटर डोहेर्टी इंस्टीट्यूट फॉर इंफेक्शन ऐंड इम्युनिटी के रिसर्चर्स ने कहा कि इस कामयाबी से दुनिया भर में कोरोना वायरस की सटीक जांच करने और उसका इलाज ढूंढने में मदद मिलेगी.. यह संस्थान मेलबर्न विश्वविद्यालय और रॉयल मेलबर्न अस्पताल का साझा उपक्रम है.. द रॉयल मेलबर्न अस्पताल के जूलियन ड्रूस ने कहा, चीनी अधिकारियों ने इस अनूठे कोरोना वायरस के जीन का समूह जारी किया था, जो इस रोग की पहचान करने में मददगार है.. हालांकि, असली वायरस हमारे पास होने का मतलब है कि अब हमारे पास जांच की सभी पद्धतियों का सत्यापन करने की क्षमता है जो इस रोग के इलाज में काफी महत्वपूर्ण साबित होगा ..प्राकृतिक वातावरण के बाहर जो वायरस विकसित किया गया है उसका इस्तेमाल प्रतिरोधी जांच विकसित करने में किए जाने की संभावना है.. इससे उन मरीजों में भी वायरस का पता किया जा सकेगा जो लक्षण नजर नहीं आने के कारण खुद के संक्रमित होने की बात से अनजान है.. डोहेर्टी इंस्टीट्यूट के डिप्टी डायरेक्टर  माइक कैटन कहते हैं कि प्रतिरोधी जांच से हम संदिग्ध रोगियों की जांच कर पाने में सक्षम होंगे जिससे हमें इस बारे में कहीं अधिक सटीक जानकारी पता चल सकेगी कि यह वायरस अन्य चीजों में कितना व्यापक है और इसकी असली मृत्यु दर क्या है.. उन्होंने कहा, यह टीकों के असर के परीक्षण का आंकलन करने में भी मददगार साबित होगा..स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अलर्ट जारी किया है कि कोरोना वायरस संक्रमण अगले 10 दिन में चरम पर होगा..जिस वजह से बड़ी संख्या में लोगों की जानें भी जा सकती हैं.. कोरोना वायरस विषाणुओं का एक बड़ा समूह है लेकिन इनमें से केवल छह विषाणु ही लोगों को संक्रमित करते हैं। इसके सामान्य प्रभावों के चलते सर्दी-जुकाम होता है लेकिन ‘सिवीयर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम’ सार्स ऐसा कोरोनावायरस है जिसके कहर से 2002-03 में चीन और हांगकांग में करीब 650 लोगों की जाने गयी थी.चीन में कोरोना वायरस के संक्रमण से सर्वाधिक लोगों की मौत हुबेई प्रांत में हुई है.. हुबेई की राजधानी वुहान में दिसंबर में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलना आरंभ हुआ था और अब यह संक्रमण दुनिया भर में फैल रहा है. 
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