अर्थशास्त्र में मिला नोबेल पुरस्कारः घोषणा ऐसे वक्त हुई, जब कोरोना वायरस महामारी के प्रभाव के चलते दुनिया द्वितीय विश्व युद्ध के बाद मंदी के सबसे बुरे दौर का अनुभव कर रही है। इस पुरस्कार की घोषणा के साथ ही नोबेल परस्कार सप्ताह का समापन हो गया। ...
जब मैं साहेल में था तब नोबेल शांति की घोषणा की जानकारी मिली और इसका संदेश इससे कहीं बड़ा है कि, ऐ दुनिया यहां हो रही सभी घटनाओं के बीच कृपया कर साहेल के लोगों को नहीं भूल। कृपया उन लोगों को नहीं भूले जो भुखमरी से संघर्ष कर रहे हैं और मर रहे हैं। ...
1943 में न्यूयॉर्क में पैदा हुईं लुईस ग्लक कैम्ब्रिज और मसाचुसेट्स में रहती हैं। स्वतंत्र रूप से लिखने के अलावा वे येल, न्यू हैवेन और कनेक्टिकट यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी की प्रोफेसर भी रही हैं, इसके पहले उन्हें पुलित्जर सहित कई और पुरस्कार मिल चुके है ...
कोरोना वायरस महामारी के कारण कंपनियों व लोगों को आर्थिक झटके लगे हैं। इसके साथ ही महामारी के प्रसार को थामने के लिये देश भर में लगाये गये लॉकडाउन का भी प्रतिकूल असर पड़ा है। ...
यह सही है कि एक बार फिर 190 में से 187 राष्ट्रों ने भारत को सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य बनाए जाने के पक्ष में वोट दिया है, पर अस्थायी और स्थायी सदस्य का अंतर बहुत बड़ा है. ...
ब्रह्मांड के रहस्य उजागर करने में सैद्धांतिक कार्य करने वाले जेम्स पीबल्स तथा सौरमंडल के बाहर एक ग्रह की खोज करने वाले स्विस खगोलशास्त्री माइकल मेयर और डिडियर कुलोज को पिछले साल का नोबेल पुरस्कार दिया गया था। ...
संयुक्त राष्ट्र की स्थाई समन्वयक की एक टिप्पणी को भारत ने गैरजरूरी बताया है। ये टिप्पणी उत्तर प्रदेश के हाथरस और बलरामपुर में हाल में हुई घटनाओं को लेकर थी। ...