सुप्रीम कोर्ट भारत का सर्वोच्च न्यायिक फोरम है। सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के अतिरिक्त 30 अन्य न्यायमूर्ति होते हैं। जिनके पास संविधान समीक्षा समेत अनेक शक्तियां होती हैं। सुप्रीम कोर्ट के पास किसी संबैधानिक मसले पर स्वतः संज्ञान लेने की भी शक्तियां होती हैं। भारत की सुप्रीम कोर्ट भारत की राजधानी नई दिल्ली में स्थित है। सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा हैं।भारत के संविधान के चैप्टर पांच के पांचवें भाग द्वारा निर्धारित संवैधानिक निकाय है। इसकी स्थापना 26 जनवरी 1950 में हुई थी। जैसा कि भारतीय संविधान द्वारा कहा गया है, सुप्रीम कोर्ट का काम संविधान के रक्षक के तौर पर काम करना है, संघीय सरकार के प्राधिकार द्वारा स्थापित अदालत और अपील के लिए यह सबसे ऊपरी अदालत है। Read More
सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने पिछले महीने सरकार से उनके नाम की सिफारिश की थी। शीर्ष न्यायालय में काफी संख्या में मामलों के लंबित होने को मद्देनजर सरकार ने हाल ही में उच्चतम न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश सहित कुल न्यायाधीशों की संख्या 31 से बढ़ा कर 34 ...
शीर्ष अदालत ने इस मामले में शनिवार को भी सुनवाई करने का प्रस्ताव रखा और साथ ही यह भी कहा कि संबंधित पक्षकार यदि चाहें तो मध्यस्थता के माध्यम से इस विवाद का सर्वमान्य समाधान करने के लिये स्वतंत्र हैं और वे ऐसा समाधान उसके समक्ष पेश कर सकते हैं। ...
न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा, न्यायमूर्ति एम आर शाह और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने केन्द्र की ओर से पेश अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल से सवाल किया कि आखिर हाथ से मल साफ करने और सीवर के नाले या मैनहोल की सफाई करने वालों को मास्क और ऑक्सीजन सिलेण्डर जैसी ...
गौरतलब है कि आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में पांच सितंबर को चिदंबरम को, सीबीआई द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में 19 सितंबर तक 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। फिलहाल वह तिहाड़ जेल में हैं। ...
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि राम-जन्मभूमि बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले से संबद्ध पक्ष यदि इसे मध्यस्थता के जरिए सुलझाना चाहते हैं, तो वे अब भी ऐसा कर सकते हैं।प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा कि उसे उच ...
राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले को लेकर प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई का कहना है कि 18 अक्टूबर तक बहस पूरी होने सकती है। इस मामले की प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ सुनवाई कर रही है। ...
शीर्ष अदालत ने कहा कि उच्च न्यायालय को उसके फैसले और आदेशों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ करने का अधिकार नहीं है क्योंकि वे बाध्यकारी हैं और हर कीमत पर न्यायिक शुचिता बनाकर रखनी होगी। ...