अटलांटिक महासागर के अंदर वैज्ञानिकों ने 8 किलोमीटर से अधिक चौड़ा एक गड्ढा खोजा है। माना जा रहा है कि 6.6 करोड़ साल पहले एक एस्टरॉइड के टकराने से यह बना। इसके टकराने से धरती पर तब बड़ी तबाही मची होगी। ...
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, इन-स्पेस भारत के युवाओं को अपना टेलेंट दिखाने का मौका देगा। चाहे वो सरकार में काम कर रहे हों या प्राइवेट सेक्टर में, इन स्पेस सभी के लिए बेहतरीन अवसर बनाएगा। ...
जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की तस्वीर वर्चुअल टेलीस्कोप प्रोजेक्ट में एक रोबोटिक यूनिट के द्वारा ली गई है। जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप को अंतरिक्ष में पृथ्वी की नई आंख कहा जाता है और पिछले 30 दिनों की यात्ना के बाद टेलीस्कोप धरती से 16 लाख 9 हजार 344 किम ...
विशाल आकाशगंगाओं की तुलना में बहुत कम रफ्तार से तारों का निर्माण करती हैं लेकिन कुछ वामन आकाशगंगाएं ऐसी भी हैं जो मिल्की वे आकाशगंगा की तुलना में 10 से 100 गुणा अधिक द्रव्यममान सामान्यीकृत दर से नये तारों का निर्माण करती हुई नजर आती हैं। ...
अध्ययन के सह-लेखक मार्लीस एर्नहोफ ने एक बयान में कहा, ‘‘उम्मीद है कि अंतरिक्ष यात्रियों के मूत्र को भविष्य में चांद पर बहुत थोड़ा बदलाव के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है।’’ ...