समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने पार्टी की अनदेखी से नाराज होकर समाजवादी सेकुलर मोर्चे का गठन किया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की अध्यक्षता में समाजावादी पार्टी से उपेक्षित लोगों को इस मोर्चे से जोड़ा जाएगा। उन्होंने मुलायम सिंह यादव के भी इससे जुड़ने का दावा किया है। 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान सपा के शीर्ष नेतृत्व में बिखराव देखने को मिला था। जब अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह यादव को अध्यक्ष की कुर्सी से हटाकर खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए थे। उन्होंने चाचा शिवपाल यादव की भी अनदेखी की थी। इसके बाद शिवपाल यादव ने नया मोर्चा बनाने का फैसला किया है। Read More
उत्तर प्रदेशः तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के रक्षा मंत्री रहे सपा संरक्षक का सोमवार को गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में निधन हो गया था। ...
मुलायम सिंह यादव के पंचतत्व में विलीन होने के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव का दर्द पहली बार उस समय जनता के सामने आया, जब उन्होंने ट्विटर पर सैफई मेला ग्राउंड के उस जगह की तस्वीर साझा की, जहां कल चिता में जलने वाला मुलायम सिंह का शरीर आज ठंडी राख में बद ...
मुलायम सिंह यादव के अंतिम संस्कार में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और पीएसपी प्रमुख शिवपाल यादव मौजूद रहे। पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें विदाई दी गई। ...
कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष कमलनाथ और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पार्टी के प्रतिनिधि के रूप में मुलायम सिंह यादव के अंतिम संस्कार में मंगलवार को उपस्थित रहेंगे। ...
समाजवादी पार्टी के संस्थापक और तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे मुलायम सिंह यादव नहीं रहे। उनके निधन पर देश के सभी प्रमुख नेताओं ने शोक संवेदना व्यक्त की है। ...
मुलायम सिंह यादव को यूरिन संक्रमण, ब्लड प्रेशर की दिक्कत और सांस लेने में तकलीफ के कारण 2 अक्टूबर 2022 को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था, तब से ही उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी और उनके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। ...
वाराणसी शहर दक्षिणी से भाजपा के पूर्व विधायक श्याम देव राय चौधरी ने मुलायम सिंह को याद करते हुए कहा कि उनके निधन से काशी को बेहद गहरा आघात पहुंचा है। मुलायम जी का विशेष स्नेह काशी पर हमेशा बना रहा। ...
1996 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार मिली थी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खाते में 161 सीटें थीं। अटल बिहारी वाजपेयी ने सरकार बनाने का निमंत्रण स्वीकार कर लिया था। वाजपेयी ने प्रधान मंत्री के रूप में शपथ ली, लेकिन उनकी सरकार 13 दिनों में ...