नवरात्रि यानी 'नौ-रात'। हिन्दू धर्म में ये त्योहार वर्ष में चार बार आता है-चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघ। चैत्र में चैत्र नवरात्रि और अश्विन में इस पर्व को शारदीय नवरात्रि के नाम से जाना जाता है। इन दो नवरात्रि से ठीक पहले गुप्त नवरात्रि आते हैं, जिन्हें गुप्त एवं तांत्रिक साधनाओं के लिए जाना जाता है। लेकिन हिन्दू परिवारों में चैत्र और शारदीय नवरात्रि का महत्व है और इसे ही विशेष रूप से मनाया जाता है। Read More
नवरात्रि में सम्पूर्ण दुर्गासप्तशती का अगर पाठ न भी कर सकें तो निम्नलिखित श्लोक का पाठ करने से सम्पूर्ण दुर्गासप्तशती और नवदुर्गाओं के पूजन का फल प्राप्त हो जाता है। ...
छिन्नमस्तिका देवी का मंदिर झारखंड की राजधानी रांची से करीब 80 किलोमीटर दूर रजरप्पा में स्थित है। यह मंदिर शक्तिपीठ के रूप में काफी विख्यात है। इसे दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी शक्तिपीठ के रूप में मान्यता प्राप्त है। ...
हिन्दुओं का पावन पर्व नवरात्रि शुरू हो चुका है। 17 अक्टूबर को शुरू हुए नवरात्र की धूम नौ दिनों तक रहेगी। नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा होगी। ...
आज नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। मां चंद्रघंटा के रूप को सौम्य बताया गया है। मां का यह स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी होता है। ...
आज नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। मां चंद्रघंटा के रूप को सौम्य बताया गया है। मां का यह स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी होता है। ...