नासा का गठन 19 जुलाई 1948 को हुआ था। नेशनल एडवाइजरी कमिटी फॉर एरोनॉटिक्स (एनएसीए) के स्थान पर किया गया था। इस संस्था ने 1 अक्टूबर 1948 से कार्य करना शुरू किया। अमेरिका सरकार की शाखा है जो देश के सार्वजनिक अंतरिक्ष कार्यक्रमों व एरोनॉटिक्स व एरोस्पेस संशोधन के लिए जिम्मेदार है Read More
29 अप्रैल को दुनिया के विनाश वाले दावे में कोई सच्चाई नहीं है। ये एक बस अफवाह है। नासा के मुताबिक एक क्षुद्रग्रह 29 अप्रैल, 2020 को पृथ्वी से गुजरेगा। इस दौरान पृथ्वी से इसकी दूरी करीब 4 मिलियन मील होगी। इससे पृथ्वी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ...
वैज्ञानिकों का कहना है कि इस रफ्तार से टकराने वाला धूमकेतु 185 फीट ऊंची सुनामी ला सकता है. विशेषज्ञ बताते हैं कि मानव निर्मित कोई भी उपग्रह या यान अबतक इतनी तेज गति नहीं पकड़ सका है. ...
रोवर को लॉस एंजिलिस के पास पासाडेना में जेट प्रपल्शन लैबोरेटरी के विशाल कक्ष में तैयार किया गया, जहां इसके चालक उपकरण का पिछले हफ्ते सफल परीक्षण किया गया था। यह रोवर फ्लोरिडा के केप केनावरल से जुलाई 2020 से पृथ्वी से रवाना होगा। ...
नासा ने आज सुबह इसरो के लैंडर विक्रम का मलबा मिलने का दावा किया..साथ ही कुछ तस्वीरें जारी कीं, जिसमें उस जगह को दिखाया गया है जहां विक्रम लैंडर ने हार्ड लैंडिंग की थी यानि जहां उसका मलबा मिला है. नासा ने जब इसका खुलासा किया कि इसरो के चंद्रयान 2 के ल ...
नासा की ओर से चंद्रयान -2 के विक्रम लैंडर की तस्वीरों की पुष्टि किये जाने और इस संबंध में मंगलवार को तस्वीर जारी किये जाने के बाद इसरो प्रमुख के. सिवन ने दावा किया है कि भारतीय स्पेस एजेंसी के ऑर्बिटर ने पहले ही इसको खोज लिया था..खोजने के साथ और अपनी ...
नासा ने विक्रम लैंडर के चंद्रमा की सतह से टकराने वाली जगह के चित्र जारी करते हुए माना कि इस जगह का पता लगाने में सु्ब्रमण्यम की खास भूमिका रही है। सुब्रमण्यम मैकेनिकल इंजीनियर और ऐप डेवलपर हैं। उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, “नासा ने चंद्रमा की सतह पर च ...
नासा की ओर से चंद्रयान -2 के विक्रम लैंडर की तस्वीरों की पुष्टि किये जाने और इस संबंध में मंगलवार को तस्वीर जारी किये जाने के बाद इसरो प्रमुख के. सिवन ने दावा किया है कि भारतीय स्पेस एजेंसी के ऑर्बिटर ने पहले ही इसको खोज लिया था..खोजने के साथ और अपनी ...