अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अंतरिक्ष में यात्री की मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को लेकर अपनाये जाने वाले प्रोटोकॉल का खुलासा किया है। ...
लैंडर को सफलतापूर्वक चांद की सतह पर उतारने के लिए इसमें कई तरह के सुरक्षा उपकरणों को लगाया गया है। इसरो इस बार कोई खतरा उठाना नहीं चाहता और यही कारण है कि अगर अनुकूल परिस्थितियां नहीं रहीं तो लैंडिंग का समय बढ़ाकर इसे सितंबर में भी किया जा सकता है। ...
शेकलटन क्रेटर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर स्थित है। शेकलटन क्रेटर (Shackleton Crater)। यह एक ऐसी जगह है जहां अब तक दुनिया के किसी भी देश ने अपना लैंडर उतारने का कारनामा नहीं किया है। ...
चंद्रयान-3 चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग का प्रयास करेगा, जो चार साल पहले इसरो के असफल चंद्रयान-2 मिशन के बाद दूसरा प्रयास है। लैंडर और रोवर से सुसज्जित अंतरिक्ष यान, चंद्र कक्षा में प्रवेश के बाद प्रोपल्शन मॉड्यूल से अलग हो जाएगा। ...
चंद्रयान -3, चंद्रयान -2 का अनुवर्ती मिशन है, जो चंद्र सतह पर सुरक्षित लैंडिंग और घूमने में एंड-टू-एंड क्षमता प्रदर्शित करता है। इसमें लैंडर और रोवर कॉन्फ़िगरेशन शामिल हैं. इसे SDSC, श्रीहरिकोटा से GSLV MkIII द्वारा लॉन्च किया जाएगा। ...
कंपनी ने कहा कि ऐसी ‘‘उच्च संभावना’’ है कि यान चंद्रमा की सतह पर उतरने की कोशिश करते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह ‘आईस्पेस’ के लिए बेहद निराशाजनक है, क्योंकि वह करीब साढ़े चार महीने से इस मिशन पर काम कर रहा था... ...