चन्द्रग्रहण उस खगोलीय घटना को कहते हैं जब चंद्रमा पृथ्वी से ठीक पीछे उसकी प्रच्छाया में चला जाता है। इस दौरान सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा एक ही क्रम में लगभग सीधी रेखा में आ जाते हैं। विज्ञान के इतर हिन्दू धर्म में ज्योतिष शास्त्र की चन्द्रग्रहण की अपनी एक परिभाषा है जिसके अनुसार चंद्रमा के आगे राहु-केतु नाम की खगोलीय बिंदु बन जाती है। राहु-केतु ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक छाया ग्रह हैं। इनके प्रभाव से व्यक्ति विशेष पर बुरा असर पड़ता है इसलिए शास्त्रों में ग्रहण से बचने के लिए विभिन्न उपाय दर्ज हैं। Read More
साल 2021 का पहला चंद्रग्रहण 26 मई 2021 को लगने जा रहा है. यह चंद्र ग्रहण उपछाया होगा, इसलिए सूतक काल का प्रभाव धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण नहीं होगा. जो चन्द्रग्रहण नग्न आँखों से देखे नहीं जाते उनका धार्मिक महत्व नहीं होता है. इस दिन हिन्दू कैलेंडर क ...
साल का पहला चंद्र ग्रहण 26 मई 2021 को लगने जा रहा है. इस बार का चंद्र ग्रहण उपछाया चंद्र ग्रहण है जो भारत में नहीं दिखाई देगा. खास बात ये है कि इस दिन वैशाख पूर्णिमा भी पड़ रही है. ये चंद्र ग्रहण जापान, सिंगापुर, बांग्लादेश, दक्षिण कोरिया, बर्मा, उ ...
रिपोर्ट्स की मानें तो आज लगने वाला चंद्र ग्रहण यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, नॉर्थ अमेरिका, साउथ अमेरिका, प्रशांत और अटलांटिक महासागर के अलावा एशिया के कुछ हिस्सों में ही दिखाई देगा. ...
साल 2020 का आखिरी चंद्र ग्रहण आज यानि सोमवार, 30 नवंबर को लगने जा रहा है. यह एक उपछाया चंद्र ग्रहण होगा. ज्योतिष आचार्यो के अनुसार कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि को पड़ने वाला यह ग्रहण रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि में लगने वाला है. हालांकि यह ग्रहण भारत ...
व्यक्ति के जीवन में जब चंद्रमा का असर हो तो विभिन्न परेशानियों से गुजर रहा होता है। ऐसे में डरने के बजाय इस चंद्र ग्रहण के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। इसलिए इस चंद्र ग्रहण से जुड़ी हर जानकारी जानिए। ...