तरबूज की बेल की तरह दिखने वाली इंद्रायन बेल के छोटे-छोटे फल और पत्ते आपको कई गंभीर बीमारियों से बचा सकते हैं, बस आपको इस्तेमाल का सही तरीका आना चाहिए. ...
आयुर्वेद में देसी घी को सर्वोत्तम औषधि मानी गई है। गाय का घी एंटीऑक्सिडेंट से भरा है। इसके अलावा इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण पाए जाते हैं। ...
सर्दियों का मौसम खत्म होने वाला है और गर्मियां शुरू होने वाली हैं। मार्च-अप्रैल के मौसम में मछरों के पनपने और उनसे होने वाली बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, जीका वायरस, यलो फीवर, जापानी एन्सेफलाइटिस का सबसे ज्यादा खतरा होता है। इन सभी बीमा ...
खीरा का त्वचा पर रोजाना इस्तेमाल डार्क सर्कल, झुर्रियों को कम करता है। इसके अलावा यह आंखों के नीचे की लटकती त्वचा ठीक करता है। त्वचा के खुले हुए पोर्स को बंद करके टाइट बनाता है। ...
मूत्र मार्ग में संक्रमण (यूटीआई) गुप्तांगों में होने वाली दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी और कॉमन समस्या है। यह समस्या पुरुषों और महिलाओं दोनों में पाई जाती है। महिलाओं में डायबिटीज, मासिक धर्म का बंद होने या फिर गर्भावस्था के दौरान यह संक्रमण हो सकता है। ...
हमारे पैरों की त्वचा में 2500000 ग्लैंड होते हैं जो पसीना बनाते हैं। इन सभी ग्लैंड से अलग अलग तरह की स्मेल का पसीना निकलता है। इन ग्लैंड को अगर सही तापमान और हवा ना मिले तो यह बदबूदार पसीना देते हैं। ...
Skin care tips : किसी भी तरह के चर्म रोग होने और उसके उपचार में साफ-सफाई, खानपान और जीवनशैली का अहम रोल है। लापरवाही बरतने पर ये रोग पूरे शरीर में फैलने लगते हैं। ...
आयुर्वेद विज्ञान के अनुसार, इस पेड़ के हर हिस्से- पत्ती, छाल, अंकुर, बीज और फल के कई औषधीय लाभ हैं। पीपल के पेड़ के पत्तों में ग्लूकोज, एस्टेरियोड और मेनोस, फेनोलिक होता है, जबकि इसकी छाल विटामिन के, टैनिन और फेटोस्टेरोलिन से भरपूर होती है। ...