गुजरात भारत का एक बेहद अहम प्रदेश है। गुजरात का इतिहास करीब 2000 वर्ष ईसा पूर्व माना जाता है। बताया जाता है कि भगवान कृष्ण मथुरा छोड़कर सौराष्ट्र के पश्चिमी तट पर जा बसे, जो द्वारिका यानी प्रवेशद्वार कहलाया। इसके अलावा मौर्य, गुप्त, गुर्जर प्रतिहार, चालुक्य (सोलंकी) राजाओं का यहां शासन रहा। यहीं पर महमूद गजनवी की लूटपाट मचाई। अरब सागर से सटा यह राज्य भारत में कारोबार की दृष्टि बेहद अहम है। उत्तर भारत के कई राज्यों के लोग गुजरात में कमाई के लिए जाते रहे हैं। वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात से आते हैं। वे पहले गुजरात के सीएम रहे हैं। उन्होंने भारत के विकास के लिए गुजरात मॉडल का उदाहरण दिया था। वर्तमान में विजय रूपाणी गुजरात के मुख्यमंत्री हैं। Read More
वर्तमान गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी के लोकसभा में चुने जाने के बाद यहां खाली हुई सीटों पर अब 5 जुलाई को मतदान है. भाजपा इन दोनों ही सीटों पर दोबारा काबिज होने की तैयारी में है. वहीं कांग्रेस भी पूरा जोर लगा रही है. ...
अमित शाह ने कहा कि जब लोगों का कांग्रेस के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकारों से विश्वास खत्म हो रहा था तब मोदी ने बहुदलीय लोकतांत्रिक प्रणाली में लोगों का विश्वास बहाल करने में मदद की। ...
कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग की 15 जून की अधिसूचना को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी और शीर्ष कोर्ट से अर्ज किया कि चुनाव आयोग को सभी राज्यों में सभी रिक्त सीटों के लिए एक साथ चुनाव कराने का निर्देश दिया जाए और इस अधिसूचना को रद्द किया जाए. ...
टाटा मोटर्स द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार उसने दिसंबर, 2018 में आखिरी बार नैनो का उत्पादन किया था। उस समय साणंद कारखाने से 82 नैनो बाहर आई थीं। बिक्री की बात की जाए, तो जनवरी से जून की अवधि में कंपनी सिर्फ फरवरी महीने में एक नैनो कार बेच पाई है। ...
गुजरात में स्टेच्यू ऑफ यूनिटी की दर्शक गैलरी में वर्षा का पानी घुस गया है और पर्यटकों ने फर्श पर पानी फैलने एवं छत से पानी टपकने का वीडियो साझा किया है। अधिकारियों ने बताया कि 135 मीटर ऊंची इस गैलरी के सामने ग्रिल लगा है जिससे भारी वर्षा के दौरान तेज ...
मानसून आते ही मुंबई, गुजरात के जिन इलाकों में भारी बारिश के चलते जिस तरह से लोगों के हताहत होने और जलभराव की समस्या सामने आ रही है उससे लगता है कि इन इलाकों समस्या से लड़ने के लिए पहले से कोई तैयारी नहीं थी.. ...
GSEB SSC/HSC board result: अब यह लापरवाही का नमूना है अथवा अयोग्यता का, बोर्ड अधिकारी यह पता करने में जुटे हुए हैं. देने थे 30, दे दिए 86 : अब बारहवीं बोर्ड परीक्षा की कॉपियां जांचने का भी एक नमूना देखिए. जनरल एकाउंटेंसी के पेपर की कॉपियां जांचते वक् ...