‘द फार्मर्स राइट टू गारंटीड मिनिमम सपोर्ट प्राइस रिएलाइजेशन ऑफ एग्री प्रोड्यूस बिल 2021’ नामक विधेयक का मकसद 22 फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानूनी गारंटी प्रदान करवाना है, जिसे उत्पादन की व्यापक लागत पर 50 प्रतिशत के लाभांश पर निर्धारित किया ...
मृत किसानों को मुआवजा देना, पराली जलाने पर आपत्ति नहीं करना, बिजली की कीमत पर पुनर्विचार करना, उन पर लगे मुकदमे वापस करना आदि मांगें भी सरकार ने मान ली हैं ...
Farmers protest: आंदोलन करने वाले 40 किसान संगठनों का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने तीन विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाफ एक साल से अधिक समय से जारी प्रदर्शन को बृहस्पतिवार को स्थगित करने का फैसला किया। ...
किसान संगठनों की एक बैठक के बाद एसकेएम ने कहा कि अगर उसे गुरुवार दोपहर तक सरकार से औपचारिक सूचना मिलती है, तो यह संभावना है कि आंदोलन को खत्म या अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया जाएगा। ...
राकेश टिकैत पर हमला बोलते हुए भानु प्रताप सिंह ने कहा कि कांग्रेस की फंडिंग से ये आंदोलन चल रहा है। कानून वापस ले लिए गए हैं फिर भी ये बॉर्डर खाली नहीं करेंगे। ये ऐसे नहीं बलपूर्वक हटेंगे। ...
बीते 19 नवंबर को प्रधानमंत्री द्वारा तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा के बाद सोमवार को शीत सत्र के पहले दिन सरकार ने बिना किसी चर्चा के तीनों कानूनों को वापस लेने का विधेयक संसद के दोनों से भारी हंगामें के बीच पास करा लिया. ...
यदि इन कानूनों के जाते और आते वक्त जमकर बहस होती तो किसानों को ही नहीं, देश के आम लोगों को भी पता चलता कि भाजपा सरकार खेती के क्षेत्र में अपूर्व क्रांति लाना चाहती है। ...