इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का आविष्कार 1980 के दशक में हुआ था। भारत में पिछले कई सालों से ईवीएम से वोटिंग को लेकर राजनीतिक विवाद चल रहा है। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का इस्तेमाल भारत में आम चुनाव तथा राज्य विधानसभाओं के चुनाव में आंशिक रूप से 1999 में शुरू हुआ तथा 2004 से इसका पूर्ण इस्तेमाल हो रहा है। ईवीएम से पुरानी मतपत्र प्रणाली की तुलना में वोट डालने के समय में कमी आती है तथा कम समय में परिणाम घोषित करती है। Read More
SBI Electoral Bonds data: भाजपा सबसे ज्यादा चंदा लेने वाली पार्टी है। 12 अप्रैल 2019 से 11 जनवरी 2024 तक पार्टी को सबसे ज्यादा 6,060 करोड़ रुपए मिले हैं। ...
Lok Sabha Elections 2024: ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू का स्वागत करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने ऐसे ऐतिहासिक समय पर उनकी नियुक्ति के महत्व के बारे में बात की जब निर्वाचन आयोग लोकसभा चुनाव कराने की तैयारियां कर रहा है। ...
Lok Sabha Elections: विधि मंत्रालय द्वारा जारी गजट अधिसूचना के अनुसार, 85 वर्ष से अधिक आयु वाले मतदाताओं को डाक मतपत्र की सुविधा देने के लिए चुनाव संचालन नियम, 1961 में संशोधन किया गया है। ...
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की प्रामाणिकता पर संदेह जताते हुए एक नया आरोप लगाया है कि सारा खेल वीवीपैट में होता है। ...
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने ईवीएम पर सवाल खड़े करते हुए बैलट पेपर से 2024 के चुनाव कराने की बात कही है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि टेक्नोलॉजी के भरोसे इतनी कीमती लोकतंत्र प्रक्रिया को नहीं छोड़ा जा सकता है। ...