भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) एक स्वायत्त एवं अर्ध-न्यायिक संस्थान है। जिसका गठन भारत में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से विभिन्न से भारत के प्रातिनिधिक संस्थानों में प्रतिनिधि चुनने के लिए गया है। भारतीय चुनाव आयोग की स्थापना 25 जनवरी 1950 में की गई थी। इसके तल्कालीन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओम प्रकाश रावत हैं। आयोग में वर्तमान में एक मुख्य चुनाव आयुक्त और दो चुनाव आयुक्त होते हैं। Read More
देश के प्रबुद्ध नागरिक का दायित्व बनता है कि वह भारतीय समाज को बांटने की खतरनाक कोशिशों को पहचाने और विफल बनाए. हमारे प्रधानमंत्नी ने देश के संविधान को सबसे बड़ा धार्मिक ग्रंथ बताया है. ...
चुनाव हारते ही नेता के घर सन्नाटा पसर जाता है. विडंबना ये कि चुनाव का हारना ऐन दिवाली के बीच हो तो आसमान में फूटते बम को देखकर ऐसा लगता है कि वो घर के भीतर फट रहे हैं. ऐसे ही एक हारे हुए नेताजी के घर मैं दिवाली के दिन शुभकामनाएं देने जा पहुंचा. ...
मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने विलंब के लिए अफसोस जताया है और उन्होंने प्रमिला देवी को पत्र लिखकर प्रशासनिक तंत्र की ओर से उनसे निजी तौर पर माफी मांगी है। आयोग ने अपवाद के तौर पर उन्हें 20 लाख रुपये अनुग्रह राशि देने का फैसला किया है। ...
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा 30 उम्मीदवार मेरठ स्नातक क्षेत्र में जबकि सबसे कम 11 उम्मीदवार लखनऊ शिक्षक खंड निर्वाचन क्षेत्र से हैं। शिक्षक और स्नातक खंड निर्वाचन क्षेत्र से विधानपरिषद की 11 सीटों के लिए एक दिसंबर को ...
4290 सरपंच व 33592 पंच हैं। दिसम्बर 2018 में आखिरी बार चुनाव हुए तो 12209 पदों पर आतंकी खतरे के कारण मतदान ही नहीं हो पाया। अब चुनाव आयोग ने 12168 पंचों व 1089 सरंपचों को चुनने के लिए चुनावों की घोषणा की है। ...