अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण सामूहिक प्रयास का परिणाम?, संघ प्रमुख डाॅ. माेहन भागवत ने कहा- भारत का उत्थान सनातन धर्म के उत्थान से जुड़ा

By फहीम ख़ान | Updated: April 28, 2026 16:26 IST2026-04-28T16:25:27+5:302026-04-28T16:26:26+5:30

नागपुर में डॉ. हेडगेवार स्मारक समिति द्वारा अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण से जुड़ी प्रमुख विभूतियाें का सम्मान समारोह में बाेल रहे थे. 

India's rise linked rise Sanatan Dharma RSS chief Dr Mohan Bhagwat said construction Ram temple in Ayodhya result collective effort | अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण सामूहिक प्रयास का परिणाम?, संघ प्रमुख डाॅ. माेहन भागवत ने कहा- भारत का उत्थान सनातन धर्म के उत्थान से जुड़ा

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Highlights400 वर्षों के संघर्ष और लाखों लोगों के बलिदान के बाद यह निर्माण संभव हुआ.10 करोड़ लोगों ने आर्थिक सहयोग दिया. 

नागपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डाॅ. माेहन भागवत ने कहा कि भारत का उत्थान सनातन धर्म के उत्थान से जुड़ा है और यह प्रक्रिया 1857 से शुरू होकर आज भी जारी है. अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण सामूहिक प्रयास का परिणाम है. गोवर्धन पर्वत का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जैसे सभी के सहयोग से भगवान का कार्य पूर्ण होता है, वैसे ही मंदिर निर्माण में पूरे समाज का योगदान रहा. वे नागपुर में डॉ. हेडगेवार स्मारक समिति द्वारा अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण से जुड़ी प्रमुख विभूतियाें का सम्मान समारोह में बाेल रहे थे. 

इस समाराेह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, गोविंददेव गिरी महाराज, समिति अध्यक्ष सुरेश उर्फ भैयाजी जोशी तथा उपाध्यक्ष श्रीधर गाडगे की प्रमुख उपस्थिति रही. कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता की प्रतिमा पर पुष्पार्चन से हुई. प्रास्ताविक भाषण में भैयाजी जोशी ने राम मंदिर को केवल एक धार्मिक संरचना नहीं, बल्कि हिंदू समाज के स्वाभिमान और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि 400 वर्षों के संघर्ष और लाखों लोगों के बलिदान के बाद यह निर्माण संभव हुआ.

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़े चंपत राय ने मंदिर निर्माण की तकनीकी और ऐतिहासिक जानकारी साझा की. उन्होंने कहा कि मंदिर को 1000 वर्षों तक टिकाऊ बनाने के लिए इसमें लोहे और सीमेंट का उपयोग नहीं किया गया. देशभर से 6000 से अधिक कारीगरों और 250 वेंडर्स ने इसमें योगदान दिया, जबकि 10 करोड़ लोगों ने आर्थिक सहयोग दिया. 

इन विभूतियों को किया गया सम्मानित

इस समारोह में कुल 30 प्रमुख व्यक्तियों का शाॅल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया. इनमें नृपेंद्र मिश्र, जगदीश आफले, गिरीश सहस्त्रभोजनी, जगन्नाथ गुलवे, आशीष सोमपुरा, निखिल सोमपुरा, अरुण योगीराज, जय काकतीकर, मनीष त्रिपाठी, सत्यनारायण पांडे, अनिल सुतार, केशव शर्मा, विनोद शुक्ला, राजीव दुबे, मनीष दाधीच, विनोद मेहता, अंकुर जैन, राजूकुमार सिंह, ए.वी.एस. सूर्या श्रीनिवास, नरेश मालवीय, परेश सोमपुरा, नाथ अय्यर, संजय तिवारी, शरद बाबू, अनिल मिश्र, गोपाल जी, चंपत राय, गोविंददेवगिरी महाराज, वासुदेव कामत और रमजानभाई शामिल रहे.

अपने आशीर्वचन में गोविंददेव गिरी महाराज ने कहा कि राम मंदिर निर्माण एक शताब्दी लंबे तप और त्याग का परिणाम है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति की सराहना की. कार्यक्रम का समापन ‘एकात्मता मंत्र’ के साथ हुआ. समिति ने इस आयोजन को राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया.

Web Title: India's rise linked rise Sanatan Dharma RSS chief Dr Mohan Bhagwat said construction Ram temple in Ayodhya result collective effort

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