अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवसः थिरकते कदमों में छिपा जीवन का बड़ा संदेश

By देवेंद्र | Updated: April 29, 2026 05:28 IST2026-04-29T05:28:09+5:302026-04-29T05:28:09+5:30

International Dance Day: संगीत नाटक अकादमी द्वारा मान्यता प्राप्त आठ शास्त्रीय नृत्य शैलियां हैं जिनमें भरतनाट्यम, कत्थक, कुचिपुड़ी, ओडिसी, मणिपुरी, मोहिनीअट्टम, कथकली और सत्रिया सम्मिलित हैं.

International Dance Day 29 april big message life hidden in dancing steps blog Devendraraj Suthar | अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवसः थिरकते कदमों में छिपा जीवन का बड़ा संदेश

file photo

HighlightsInternational Dance Day: मनोरंजन का उपकरण मात्र नहीं. भारत में नृत्य की परंपरा विश्व की प्राचीनतम जीवंत परंपराओं में से एक है.International Dance Day: भारत के अनेक लोकनृत्य संरक्षण के अभाव में विलुप्ति के कगार पर हैं.International Dance Day: नृत्य, संगीत एवं नाटक के 6000 से अधिक श्लोकों में सिद्धांत प्रतिपादित किए गए हैं.

International Dance Day:  प्रत्येक वर्ष 29 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस मनाया जाता है. इसकी स्थापना 1982 में यूनेस्को के अंतर्गत कार्यरत अंतरराष्ट्रीय थिएटर संस्थान द्वारा की गई थी. इस दिवस का आयोजन आधुनिक बैले के प्रवर्तक ज्यां जॉर्ज नोवरे की स्मृति में किया जाता है, जिनका जन्म 29 अप्रैल 1727 को हुआ था. नोवरे ने अपनी कृति लेटर्स ऑन डांसिंग में पहली बार यह तर्क दिया कि नृत्य एक स्वायत्त कला है, मनोरंजन का उपकरण मात्र नहीं. भारत में नृत्य की परंपरा विश्व की प्राचीनतम जीवंत परंपराओं में से एक है.

संगीत नाटक अकादमी द्वारा मान्यता प्राप्त आठ शास्त्रीय नृत्य शैलियां हैं जिनमें भरतनाट्यम, कत्थक, कुचिपुड़ी, ओडिसी, मणिपुरी, मोहिनीअट्टम, कथकली और सत्रिया सम्मिलित हैं. इन सबका मूल आधार भरतमुनि रचित नाट्यशास्त्र है जो दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व से दूसरी शताब्दी ईस्वी के मध्य रचित माना जाता है और जिसमें नृत्य, संगीत एवं नाटक के 6000 से अधिक श्लोकों में सिद्धांत प्रतिपादित किए गए हैं.

इस ग्रंथ में नवरस का जो सिद्धांत है, वह आज भी विश्व के किसी भी सौंदर्यशास्त्रीय चिंतन से तुलनीय है. यूनेस्को ने अपनी अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में विश्व की 100 से अधिक नृत्य परंपराओं को स्थान दिया है. भारत की अनेक नृत्य शैलियां इस सूची में हैं. स्वास्थ्य के क्षेत्र में नृत्य की भूमिका को आधुनिक विज्ञान ने भी स्वीकार किया है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन नृत्य को शारीरिक गतिविधि के एक प्रभावी माध्यम के रूप में मान्यता देता है. अमेरिकन जर्नल ऑफ पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित अध्ययनों के अनुसार नियमित नृत्य अवसाद और चिंता में उल्लेखनीय कमी लाने में सहायक है. न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक दीर्घकालिक शोध में यह पाया गया कि नृत्य मस्तिष्क की संज्ञानात्मक क्षमता को बनाए रखने में तैराकी और साइकिल चलाने से भी अधिक प्रभावी हो सकता है.

डांस मूवमेंट थेरेपी आज 30 से अधिक देशों में मान्यता प्राप्त चिकित्सा पद्धति के रूप में प्रचलित है और इसका उपयोग मनोरोग, स्मृतिभ्रंश और पुनर्वास चिकित्सा में किया जा रहा है. भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद विश्व के 100 से अधिक देशों में भारतीय नृत्य के प्रचार-प्रसार में सक्रिय है. यह सॉफ्ट पावर का वह माध्यम है जो राजनयिक संधियों और व्यापारिक समझौतों से परे हृदयों तक पहुंचता है.

किंतु इस परंपरा के सामने गंभीर चुनौतियां भी हैं. गुरु-शिष्य परंपरा, जो इन नृत्य शैलियों की जीवनरेखा रही है, संकुचित हो रही है. प्रशिक्षित गुरुओं की संख्या घट रही है और नई पीढ़ी में शास्त्रीय नृत्य के प्रति अभिरुचि सीमित होती जा रही है. भारत के अनेक लोकनृत्य संरक्षण के अभाव में विलुप्ति के कगार पर हैं.

हालांकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने कला शिक्षा को पाठ्यक्रम का अनिवार्य अंग बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण संकल्पना प्रस्तुत की है. इसे प्रभावी रूप से लागू किया जाए तो नृत्य केवल विशेषज्ञों की साधना न रहकर सामान्य शिक्षा का हिस्सा बन सकता है.

Web Title: International Dance Day 29 april big message life hidden in dancing steps blog Devendraraj Suthar

बॉलीवुड चुस्की से जुड़ीहिंदी खबरोंऔर देश दुनिया खबरोंके लिए यहाँ क्लिक करे.यूट्यूब चैनल यहाँ इब करें और देखें हमारा एक्सक्लूसिव वीडियो कंटेंट. सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Pageलाइक करे