देवेंद्र फड़नवीस भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के नेता हैं। वर्तमान( 2018) में वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री हैं। वह महाराष्ट्र विधानसभा में नागपुर दक्षिण पश्चिम से विधायक हैं। इसके साथ ही वह बीजेपी के महाराष्ट्र के अध्यक्ष भी हैं। इनका जन्म 22 जुलाई 1970 को नागपुर महाराष्ट्र में हुआ था। देवेंद्र फड़नवीस के पिता गंगाधर राव भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और जनसंघ से जुड़े थे। Read More
Maharashtra Assembly Election 2019 : रविवार की शाम को अमित शाह ने देवेन्द्र फड़णवीस की ‘महाजनादेश यात्रा’ के दूसरे चरण के समापन पर सोलापुर में एक रैली को संबोधित किया था। फड़णवीस ने विधानसभा चुनाव से पहले जनसंपर्क अभियान के तहत महाजनादेश यात्रा शुरू ...
कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के कई नेता सत्तारूढ़ भाजपा-शिवसेना गठबंधन में जा चुके हैं। ‘वंचित बहुजन अघाड़ी’ का गठन ‘भारिप बहुजन महासंघ’ नेता प्रकाश आंबेडकर और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन औवेसी ने इस साल हुए लोकसभा चुनाव से पहले क ...
महाराष्ट्र में अक्टूबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। आदित्य ठाकरे परिवार से चुनाव लड़ने वाले पहले सदस्य होंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि 29 वर्षीय ठाकरे चुनाव लड़ सकते हैं। इसके अलावा पार्टी के कुछ नेता उन्हें पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार ...
पवार ने कहा, ‘‘हालांकि मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है कि यह किस तरह का विकास है।’’ तब एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि ‘‘न केवल नेता, बल्कि उनके रिश्तेदार भी’’ 20 साल पुरानी पार्टी छोड़ रहे हैं। पत्रकार ने उस्मानाबाद के राकांपा नेता पदम सिंह पाटिल का नाम ...
राणे ने कहा, ‘‘मैं सोलापुर में एक सितंबर को भाजपा में शामिल होऊंगा, जहां पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह एक रैली संबोधित करेंगे।’’ भाजपा सूत्रों के अनुसार, राकांपा विधायक राणा जगजीतसिंह पाटिल और सातारा सांसद उदयनराजे भोसले जल्द ही पार्टी में शाम ...
ऐसी अटकले हैं कि महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में श्रीवर्धन निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायक अवधूत तटकरे और उनके चाचा एवं राकांपा सांसद सुनील तटकरे शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। शिवसेना राज्य और केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा की सहयोगी है। ...
भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने कहा, ‘‘अब वह पीछे हट गए हैं और कह रहे हैं कि जम्मू-कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है और इसमें किसी भी दूसरे देश के दखल की कोई गुंजाइश नहीं है। वह इतने लंबे समय से खामोश क्यों थे?’’ ...