आर्टिकल 370 के प्रावधान के तहत जम्मू कश्मीर को विशेषाधिकार दिए जाते हैं। इसके अनुसार भारतीय संसद द्वारा पारित कोई भी प्रस्ताव, नियम या नीति में बदलाव जम्मू कश्मीर पर लागू नहीं होता। जम्मू कश्मीर राज्य का अपना संविधान और झंडा है। देश में घोषित आपातकाल या आर्थिक आपातकाल कश्मीर में लागू नहीं होता। भारत की संसद जम्मू कश्मीर की विधानसभा भंग नहीं कर सकती। अनुसूचित जाति और अनिसूचित जनजाति सम्बंधी नियम जम्मू कश्मीर में लागू नहीं होते। Read More
शाह ने लोगों से अपील की, जब इससे पहले विधानसभा चुनाव में मैं हरियाणा आया था, तब 47 सीटों के साथ भाजपा सरकार बनीं थी, अबकी बार मैं फिर आया हूं तो आपसे आह्वान करता हूं कि इस बार 75 सीटों के साथ भाजपा सरकार बनाइए। ...
प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यहां कहा, ‘‘घाटी के ज्यादातर हिस्सों में लोगों की आवाजाही पर पाबंदियों में ढील दी गई। अभी तक स्थिति शांतिपूर्ण है।’’ ...
भारत सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को वापस लेते हुए जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया है। राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया है। ...
पांच अगस्त को गृह मंत्री अमित शाह के राज्यसभा में जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा हटाए जाने की घोषणा करने से पांच घंटे पहले, कश्मीर में कर्फ्यू लगा दिया गया था। ...
श्मीर टाइम्स की एक्जीक्यूटिव एडिटर अनुराधा भसीन चाहती हैं कि अनुच्छेद 370 के प्रावधान निरस्त किये जाने के बाद राज्य में पत्रकारों के कामकाज पर लगाये गये प्रतिबंध हटाये जायें। ...
इससे पहले मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू और कश्मीर में संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को रद्द करने के बाद लगाये गये प्रतिबंधों को तत्काल हटाने का कोई निर्देश देने से इनकार कर दिया था। ...
कुछ दिनों पहले ही खबर आई थी कि अनुच्छेद 370 के विशेष प्रावधान हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में तनावपूर्ण हालात के बीच एलओसी से सटे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के कोटली, रावलकोट, बाघ और मुजफ्फराबाद में 10 से ज्यादा आतंकी शिविर सक्रिय हो गए ...