अमित शाह देश के गृह और सहकारिता मंत्री हैं। अहमदाबाद से लोकसभा सांसद हैं। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष। 22 अक्टूबर 1964 को मुंबई के एक गुजराती हिन्दू परिवार में जन्मे अमित शाह अमदाबाद में कॉलेज के दिनों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े गये थे। अमित शाह गुजरात की सरखेज विधानसभा से 1997 में पहली बार विधायक बने। 1997 से ही ही शाह लगातार गुजरात विधान सभा के सदस्य रहे। जुलाई 2014 में उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभाला था। Read More
10 मई को लोकसभा चुनाव के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया था कि देशवासियों, वोट देते वक्त सोचना। अगर मोदी जी दोबारा आ गए तो अमित शाह गृहमंत्री होंगे। जिस देश का गृहमंत्री अमित शाह हो, उस देश का क्या होगा, ये सोच के वोट डालना। ...
आउटलुक के साथ काम करने के दौरान राना अय्यूब ने गुजरात दंगों पर स्टिंग किया था। आउटलुक में खबर न छपने के बाद उन्होंने पूरे स्टिंग को एक किताब का रूप दे दिया। ...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली सीसीएस रक्षा नीति और आंतरिक सुरक्षा समेत देश की सुरक्षा से जुड़े मामलों पर अंतिम निर्णय लेने वाली प्रभावशाली समिति है। समिति में प्रधानमंत्री के अलावा रक्षा मंत्री, गृह मंत्री, विदेश मंत्री और वित्त मंत्री ...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा कुछ अलग ही फैसला लेते हैं। सांसद, मंत्री ही नहीं देश की जनता भी पीएम मोदी के फैसलों से हक्का-बक्का रह जाती है। पिछले पांच साल के कार्यकाल में कई ऐसे मौके आए, जब उन्होंने अपने फैसलों से लोगों को चौंका दिया। ...
modi government cabinet ministers 2019: अमित शाह को गृह मंत्री बनाया गया है। निर्मला सीतारमण को वित्त मंत्रालय की विभाग सौंपा गया है। राजनाथ सिंह को रक्षा मंत्री बनाया गया। नितिन गडकरी को सड़क एवं परिवह मंत्री बनाया गया है ...
जे. पी. नड्डा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का पसंदीदा माना जाता है. उनके पास लोकसभा चुनाव के दौरान उप्र की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी थी. हालांकि यह भी कहा जाता है कि जिस तरह के भरोसेमंद व्यक्ति की तलाश इस पद के लिए की जा रही है ...
वह खतरा संभवत: 2019 में साकार होता दिखा है जब धर्मेन्द्र प्रधान ने ओडिशा में पटनायक के गढ़ में भाजपा के पैर जमाने में अहम भूमिका निभाई है। पूर्व केन्द्रीय भूतल परिवहन राज्य मंत्री देबेन्द्र प्रधान के पुत्र धर्मेन्द्र प्रधान ने मोदी सरकार की घरेलू रसो ...
पासवान (72) के राजनीतिक सफर की शुरुआत 1960 के दशक में बिहार विधानसभा के सदस्य के तौर पर हुई और आपातकाल के बाद 1977 के लोकसभा चुनावों से वह तब सुर्खियों में आए, जब उन्होंने हाजीपुर सीट पर चार लाख मतों के रिकार्ड अंतर से जीत हासिल की। 1989 में जीत के ब ...