नई दिल्लीः दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म बनाने की शुरुआत स्टार्टअप लाइकन 3डी ने कर दी। लाइकन 3डी एक बैंगलोर स्थित 3डी प्रिंटिंग स्टार्टअप है, जिसकी स्थापना राहुल सिंह ने 2017 में की थी।
2017 में स्थापना के बाद से लाइकन 3डी ने कई कंपनियों के साथ काम कर एक मिलियन से अधिक पार्टस का उत्पादन किया है। लाइकन 3डी डायरेक्ट मेटल लेजर सिंटरिंग (DMLS) में महारत हासिल है, जिसे सेलेक्टिव लेजर सिंटरिंग (एसएलएस) के रूप में भी जाना जाता है।
यह धातुओं के लिए 3डी प्रिंटिंग का एक प्रकार है। DMLS अधिकांश 3D प्रिंटिंग तकनीक की मूल प्रक्रिया यानी मॉडल और स्लाइस करते हुए प्रिंट करते चलती है। लाइकन 3डी ने कई उद्योगों में सफलतापूर्वक परिवर्तनकारी स्टार्टअप स्थापित कर चुका हैं।
समाज के विभिन्न वर्गों के सामने आने वाली जटिल समस्याओं के रचनात्मक समाधान उपलब्ध करवाने के लिए जाना जाता है। वर्षों से एयरोस्पेस, बायोटेक्नोलॉजी, ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजीज और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उद्योगों में परिश्रम कर अपनी क्षमता को साबित किया है।
106 स्टार्टअप्स के आधार पर, लाइकन 3डी एशिया के एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग परिदृश्य से वैश्विक स्तर पर स्कोर करने वाला एकमात्र स्टार्टअप था। भारतीय बायोटेक पारिस्थितिकी तंत्र में नई प्रौद्योगिकियों की आवश्यकता की पहचान की, जिसने बायोएशिया 2020 में शीर्ष 5 बायोटेक स्टार्टअप 2020 का पुरस्कार प्राप्त किया है।
हाल ही में StartUs Insights ने Lycan 3D को वैश्विक स्तर पर शीर्ष 5 DMLS स्टार्टअप के रूप में सूचीबद्ध किया है। StartUs Insights इन जानकारियों को StartUs Insights Discovery Platform से प्राप्त करते हैं, जो दुनिया भर में 2,093,000 से अधिक स्टार्टअप और स्केलअप पर अंतर्दृष्टि प्रदान करता है।