लाइव न्यूज़ :

Holashtak 2026: कब से शुरू हो रहे होलाष्टक? इस अवधि तक रहेगा अशुभ समय; जानें

By अंजली चौहान | Updated: February 23, 2026 05:55 IST

Holashtak 2026: हिंदू पंचांग में होली के त्योहार से पहले मनाए जाने वाले होलाष्टक के आठ दिन होते हैं। इस दौरान, पारंपरिक मान्यता के अनुसार, शुभ और मांगलिक (औपचारिक) गतिविधियाँ अशुभ मानी जाती हैं और उनसे बचना चाहिए।

Open in App

Holashtak 2026: रंगों के त्योहारहोली से ठीक आठ दिन पहले होलाष्टक का समय होता है। इस दौरान शादी, सगाई, मुंडन और दूसरे धार्मिक कामों सहित कई शुभ काम अशुभ माने जाते हैं। होलाष्टक का समय 23 फरवरी, 2026 को फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से शुरू होगा।

कब है होलाष्टक 2026?

होलाष्टक 24 फरवरी, 2026 से शुरू होने वाला है और होलिका दहन, यानी 3 मार्च, 2026 को खत्म होगा। रंगवाली होली अगले दिन 4 मार्च, 2026 को मनाई जाएगी।

होलाष्टक 2026: महत्व

हिंदू धर्म में, होलाष्टक को सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक माना जाता है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार होलाष्टक फरवरी या मार्च में होता है। होली का मतलब है होली के त्योहार से जुड़ा हुआ और अष्टक का मतलब है होली के त्योहार से पहले के आठ दिन। 

होलाष्टक के दौरान कोई भी शुभ काम करना अशुभ माना जाता है, जो होली के त्योहार से आठ दिन पहले शुरू होता है। होलाष्टक के दौरान होलिका दहन की तैयारी शुरू हो जाती है। शादी, सगाई, मुंडन, नया ऑफिस खोलना, गृह प्रवेश, नई कार खरीदना और भी कई शुभ काम इन दिनों में नहीं करने चाहिए।

होलाष्टक की पौराणिक कथा

हिंदू धार्मिक कहानियों के अनुसार, इन आठ दिनों में, राजा हिरण्यकश्यप ने अपने बेटे प्रहलाद को भगवान विष्णु की भक्ति से भटकाने के लिए उसे बहुत परेशान किया था। हिरण्यकश्यप की बहन होलिका को आग सहने की शक्ति का वरदान मिला था, इसलिए होलिका दहन के दिन उसने भक्त प्रहलाद को अपनी गोद में लेकर आग में बैठ गई और जल गई। भगवान विष्णु के आशीर्वाद से प्रहलाद आग की लपटों से बच गया। इसलिए, इन आठ दिनों में कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है।

कामदेव और भगवान शिव की कहानी

शास्त्रों के अनुसार, फाल्गुन की अष्टमी तिथि को, भगवान शिव ने प्रेम के देवता कामदेव को अपनी तीसरी आँख से जला दिया था, क्योंकि कामदेव ने उनकी तपस्या भंग कर दी थी। कामदेव की पत्नी रति ने आठ दिनों की प्रार्थना के बाद कामदेव को फिर से ज़िंदा करने के लिए भगवान शिव से विनती की, और भगवान शिव ने उनकी विनती मान ली। इसी रिवाज़ की वजह से इन आठ दिनों को कोई भी पवित्र काम करने के लिए अशुभ माना जाता है।

क्यों अशुभ है ये आठ दिन

ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, होलाष्टक के दौरान, माना जाता है कि ग्रह बुरे हो जाते हैं और वे अच्छे नतीजे नहीं देते हैं। नतीजतन, इस समय ग्रहों की स्थिति शुभ कामों के लिए अच्छी नहीं होती है। इस समय जब शुभ काम या पूजा-पाठ शुरू किए जाते हैं, तो रुकावटें और चुनौतियाँ आती हैं। लोग अक्सर ऐसे फैसले ले लेते हैं जो फायदेमंद नहीं होते।

(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत आर्टिकल में मौजूद जानकारी सामान्य ज्ञान पर आधारित है। इसमें मौजूद दावों की पुष्टि लोकमत हिंदी नहीं करता है। किसी भी सलाह को मानने से पहले अपने विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

टॅग्स :होलीहिंदू त्योहारत्योहारभगवान विष्णु
Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठBaisakhi 2026: सिर्फ पंजाब ही क्यों? भारत के इन 5 शहरों में भी दिखती है बैसाखी की रौनक, चेक करें बेस्ट स्पॉट्स

पूजा पाठHanuman Jayanti Puja Muhurat 2026: नोट कर लें बजरंगबली की पूजा के ये 2 सबसे शुभ मुहूर्त, बरसेगी पवनपुत्र की कृपा

पूजा पाठHanuman Jayanti 2026: बिना तामझाम ऐसे करें बजरंगबली की पूजा, चमक जाएगी आपकी किस्मत

पूजा पाठHanuman Jayanti 2026: 1 या 2 अप्रैल, कब मनाई जाएगी हनुमान जयंती? दूर करें अपना कन्फ्यूजन

कारोबारApril 2026 Festival List: बैसाखी से बिहू तक, अप्रैल 2026 में छुट्टियों का पिटारा, चेक करें त्योहारों की पूरी लिस्ट

पूजा पाठ अधिक खबरें

पूजा पाठGuru Nakshatra Parivartan 2026: अप्रैल में इन 5 राशिवालों का शुरू होगा गोल्डन पीरियड, मोटी कमाई की उम्मीद

पूजा पाठPanchang 04 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 04 April 2026: कुंभ राशिवालों को अचानक धनलाभ मिलने की संभावना, जानें सभी राशियों का फल

पूजा पाठGrah Gochar April 2026: अप्रैल में 4 राशिवालों के लिए बनेंगे कई राजयोग, ये ग्रह गोचर दे रहे हैं शुभ संकेत

पूजा पाठPanchang 03 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग