इस रविवार यानी 17 फरवरी को प्रदोष व्रत है। यह माघ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। रविवार को होने के कारण यह 'रवि प्रदोष' कहलाता है जिसे शास्त्रों में बेहद शुभ माना जाता है। इसदिन यदि शिव को प्रसन्न करने के लिए कुछ उपाय कर लिए जाएं तो आने वाले कई वषों तक जीवन के संकट कम हो जाते हैं।
रवि प्रदोष पर करें ये काम:
- प्रदोष व्रत पर दिनभर बिना कुछ खाए भगवान शिव के नाम का व्रत किया जाता है। साधक एक समय फल खाकर भी व्रत कर सकते हैं- लेकिन अगर व्रत ना किया हो तो सुबह जल्दी उठें। भगवान शिव की पूजा करें और शिव मंत्रों का जाप भी करें- प्रदोष व्रत के दिन व्रत ना भी कर रहे हों तो शिव पूजा और उससे जुड़े दान कर्म अवश्य करें। भगवान शिव एवं उनके परिवार के नाम से वस्त्र दान करें- पूजा के दौरान बिल्व पत्र, गंध, चावल, फूल, धूप, डीप, फल, सुपारी, लौंग, इलायची आदि चीजें अर्पित करना ना भूलें। ये सभी शिव को प्रिय हैं- यदि आप व्रत कर रहे हैं तो सुबह जल्दी स्नान करें। पूजा करके व्रत का संकल्प लें। शाम के समय भी दोबारा स्नान करके शिव पूजा करना फलदायी माना जाता है
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करें ये महाउपाय:
रवि प्रदोष के शुभ संयोग पर शाम के समय स्नान करके भगवान शिव को घी और शक्कर मिलाकर भोग लगाएं। घर की आठ दिशाओं में आठ दीपक जलाएं। भगवान शिव की आरती भी करें
रात के समय जागरण करें। भगवान शिव के शक्तिशाली मंत्रों का जाप करें। इतना कुछ संभव ना हो तो सोने से पहले शिव मन्त्र की कम से कम तीन माला जाप करके ही सोएं। ऐसा करने से भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होते हैं