हमारे धर्म ग्रंथों के अनुसार गणेश चतुर्थी को चंद्र दर्शन नहीं करने चाहिए क्योंकि इस रात्रि को चंद्र दर्शन करने से झूठे आरोप लगते हैं। इस सम्बन्ध में हमारे धर्म ग्रंथों में दो कथाएं है। ...
भगवान शिव और विष्णु की ही तरह श्री गणेश ने भी असुरों के नाश और धर्म की रक्षा के लिए कई बार अवतार लिया था। पुराणों के अनुसार हर युग में असुरी शक्ति को खत्म करने के लिए उन्होंने विकट, महोदर, विघ्नेश्वर जैसे आठ अलग-अलग नामों के अवतार लिए हैं। ...
गणपति की स्थापना करते हुए इस बात का ध्यान रखें कि मूर्ति का मुंह पूर्व दिशा की तरफ होना चाहिए। गणेश पूजा शुरू करने से पहले संकल्प लेना होता है, इसके बाद भगवान गणेश का आह्वान किया जाता है। इसके बाद गणपति की मंत्रों के उच्चारण के बाद स्थापना की जाती है ...
भाद्र मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेशजी का जन्म हुआ था, इस उपलक्ष्य में हर साल गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी को विनायक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। ...
गणोशजी का बड़ा सिर जो हाथी का है, बुद्धिमत्ता तथा विवेकशीलता का प्रतीक है. सभी जानवरों में हाथी को सबसे अधिक बुद्धिमान माना जाता है. तभी तो गणोशजी ने माता-पिता के चक्कर लगाकर संपूर्ण पृथ्वी की परिक्र मा करने की घोषणा की थी और विजय प्राप्त की थी. ...
भाद्रपद मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को भगवान श्रीगणेश के अवतरण की तिथि माना गया है। यह तिथि सभी संकटों का नाश करने वाली है। इस तिथि को सर्व कामनाओं को प्रदान करने वाली माना जाता है। ...
गणेश चतुर्थी का त्योहार देशभर में मनाया जा रहा है। इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई राजनेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। ...
मेष राशि नए भवन में जाने के योग के बीच जिन लोगों का सहयोग आपने किया था आज वे ही आप से मुंह फेरते दिख रहे हैं। बीमारी में दवाई असर नहीं करेगी बेहतर होगा अपना डॉक्टर बदलें या किसी योग्य व्यक्ति से सलाह लें।वृषभ राशि शेयर बाजार में निवेश से लाभ होगा। ...
भारत की प्राचीन श्रमण संस्कृति की अत्यंत महत्वपूर्ण जिन परंपरा ने क्षमा को पर्व के रूप में ही प्रचलित किया है. जैनों के प्रमुखतम पर्व में ‘क्षमापर्व’ है. पर्यूषण दरअसल एक पर्व-अवधि है, दस दिनों तक चलने वाले पर्व की एक श्रृंखला है, जिसके दौरान क्षमा क ...