लाइव न्यूज़ :

मकर संक्रांति विशेष- भारत के हर राज्य में दिखता है अलग रंग, जानें कहां कैसे मनाया जाता है यह पर्व

By धीरज पाल | Updated: January 10, 2018 17:21 IST

उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक, कुछ इस तरह धूमधाम से मनाया जाता है संक्रांति का दिन।

Open in App

भारत में हर कदम पर आपको विविधता मिल जाएगी। कई मजहब, जाति, समुदाय के लोगों से मिलकर भारत बना है जो यहां की संस्कृति और खासियत को दर्शाता है। हर कदम पर भाषा और बोली बदल जाती है, खान-पान बदल जाते हैं, रहन-सहन में विविधिता नजर आती है। भारत में सबसे बड़ी जनसंख्या वाले हिन्दू धर्म में कई त्यौहार मनाए जाते हैं। हर त्यौहार की अपनी-अपनी महत्वता, संस्कृति व परंपरा होती है। 

जनवरी के शुरुआत में ही हिंदू धर्म प्रसिद्द त्यौहार मकर संक्रांति पड़ता है। मकर संक्रांति के दौरान मौसम करवट लेने लगती है, देश के कई राज्यों में नई फसल का आगमन होता है। इस मौके पर किसान फसल की कटाई के बाद इस त्यौहार को धूमधाम से मनाते हैं। भारत के हर राज्य में मकर संक्रांति को अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है।

किसानों का त्यौहार पोंगल

पोंगल दक्षिण भारत में विशेषकर तमिलनाडु, केरल और आंध्रा प्रदेश में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण हिंदू त्यौहार है। पोंगल विशेष रूप से किसानों का त्यौहार है। इस मौके पर धान की कटाई के बाद लोग खुशी प्रकट करने के लिए पोंग्ल का त्यौहार मनाते हैं। पोंगल का त्यौहार 'तइ' नामक तमिल महीने की पहली तारीख यानि जनवरी के मध्य में मनाया जाता है। यह त्यौहार 3 दिन तक चलता है जो इंद्र और सूर्य देव को समर्पित होता है। इस त्यौहार के मौके पर किसान अच्छी फसल के लिए बारिश और जाऊ भूमि के लिए भगवान को शुक्रिया अदा करता है। इस त्यौहार के पहले दिन कूड़ा-कचरा जलाया जाता है, दूसरे दिन लक्ष्मी की पूजा होती है और तीसरे दिन पशु पूजा होती है।

नई फसल और नए मौसम का त्यौहार है उत्तरायण 

उत्तरायण खासतौर पर गुजरात में मनाया जाने वाला त्यौहार है। नई फसल और नए मौसम के आगमन पर यह त्यौहार 14 और 15 जनवरी को मनाया जाता है। इस मौके पर गुजरात में पतंग उड़ाई जाती है साथ ही पतंग महोत्सव का आयोजन किया जाता है, जो दुनियाभर में मशहूर है। उत्तरायण पर्व पर व्रत रखा जाता है और तिल व मूंगफली दाने की चक्की बनाई जाती है।

लोहड़ी का त्यौहार

लोहड़ी विशेष रूप से पंजाब में मनाया जाने वाला पर्व है, जो फसलों की कटाई के बाद 13 जनवरी को धूमधाम से मनाया जाता है। इस मौके पर शाम के समय पवित्र अग्नि जलाई जाती है और तिल, गुड़ और मक्का अग्नि को भोग के रूप में चढ़ाई जाती है।

माघ/भोगली बिहू

असम में माघ महीने की संक्रांति के पहले दिन से माघ बिहू यानि भोगाली बिहू त्यौहार मनाया जाता है। भोगाली बिहू के मौके पर खान-पान का विशेष आयोजन होता है। इस समय असम में तिल, चावल, नरियल और गन्ने की फसल अच्छी होती है। इसी से तरह-तरह के व्यंजन और पकवान बनाकर खाए और खिलाए जाते हैं। भोगाली बिहू पर भी होलिका जलाई जाती है और तिल व नरियल से बनाए व्यंजन अग्नि देवता को समर्पित किए जाते हैं। भोगली बिहू के मौके पर टेकेली भोंगा नामक खेल खेला जाता है साथ ही भैंसों की लड़ाई भी होती है।

टॅग्स :मकर संक्रांतिपूजा पाठहिंदू धर्म
Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठHappy Ram Navami 2026 Wishes: राम नवमी की हार्दिक शुभकामनाएं, दोस्तों और रिश्तेदारों को भेजें ये मैसेज

भारतआदिकाल से वसुधैव कुटुम्बकम है भारतीय संस्कृति?, सीएम यादव ने कहा-मानव जीवन में आनंद आयाम, हमारे सुख-दु:ख के बीच अंतर को समझने?

पूजा पाठनव संवत्सरः कृषि, जल और विकास के रोड मैप का संकल्प

भारत'भारत हिन्दू राष्ट्र था, है और रहेगा': आरएसएस मुंबई व्याख्यानमाला में बोले सुनील देवधर | Video

पूजा पाठHappy Holi Wishes 2026: होली पर दोस्तों और परिवार वालों को भेजें दिल छू लेने वाले 6 मैसेज

धार्मिक समाचार अधिक खबरें

पूजा पाठGuru Nakshatra Parivartan 2026: अप्रैल में इन 5 राशिवालों का शुरू होगा गोल्डन पीरियड, मोटी कमाई की उम्मीद

पूजा पाठPanchang 04 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 04 April 2026: कुंभ राशिवालों को अचानक धनलाभ मिलने की संभावना, जानें सभी राशियों का फल

पूजा पाठGrah Gochar April 2026: अप्रैल में 4 राशिवालों के लिए बनेंगे कई राजयोग, ये ग्रह गोचर दे रहे हैं शुभ संकेत

पूजा पाठPanchang 03 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग