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7 जुलाई को लग रहा है अनोखा चन्द्रग्रहण, इन 4 राशियों पर पड़ेगा गहरा असर

By मेघना वर्मा | Updated: June 26, 2018 08:34 IST

ग्रहण के 3 प्रहर पहले भोजन नहीं करना चाहिए। बुजुर्ग, बालक और रोगी डेढ़ प्रहर के पहले तक खा सकते हैं।

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चन्द्रग्रहण और सूर्यग्ररण का प्रभाव प्रत्येक व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है फर्क बस इतना होता है किसी पर इसका असर ज्यादा होता है किसी पर कम। अगले महीने भी साल का सबसे अनोखा चन्द्रग्रहण पड़ने वाला है। बताया यह भी जा रहा है कि इस तरह का चन्द्रग्रहण आज से 104 साल पहले पड़ा था। किन राशियों पर पड़ेगा इसका असर और चन्द्रग्रहण पर क्या करें क्या नहीं आइए हम आपको बताते हैं। 

कब से कब तक रहेगा ग्रहण

चन्द्रग्रहण का सूतक आषाढ़ पूर्णिमा प्रारंभ होने के तीन प्रहर यानी 9 घंटे पहले शुरू हो जाएगा। मोक्ष तड़के 3.55 बजे होगा। ग्रहण स्पर्श रात 11:45 पर होगा। ग्रहण का सम्मिलन रात 1 बजे तथा उन्मूलन रात 2:45 बजे होगा। 27 जुलाई की रात को यह ग्रहण लगेगा जो पूरे देश के साथ यमुनागर और आस-पास के क्षेत्र में भी इसे देखा जा सकेगा। 104 साल बाद लग रहा है इसलिए इसका असर भी खासा गहरा होगा। 

इन राशियों पर पड़ेगा असर

साल के इस सबसे अनोखे चन्द्रग्रहण का असर चार राशियों मेष, सिंग, वृश्चिक और मीन पर खासा पड़ेगा। वहीं मिथुन, तुला, मकर और कुंभ के लिए यह चंद्रग्रहण नेष्ट है। इन चार राशियों के लोगों को ग्रहण के प्रभाव से बचने के लिए भगवान शिव और हनुमान की अराधना करनी चाहिए। इससे उनपर होने वाले नकारात्मक प्रभाव कम पड़ेगें। 

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बन रहा है दो तरफा केन्द्र योग

खग्रास चंद्रग्रहण का ग्रह गोचर के अनुसार अलग-अलग राशियों पर अलग-अलग प्रभाव होगा। ग्रह गोचर में मकर राशि के केतु के साथ चंद्रमा का प्रभाव और राहु से उसका समसप्तक दृष्टि संबंध होना, युति कृत मान से कर्क राशि में राहु, सूर्य, बुध तथा मकर राशि में चंद्र, केतु, मंगल युति कृत दृष्टि संबंध होना, दो तरफा केंद्र योग का बनना और शनि व मंगल का वक्री होना अपने आप में विशेष घटना है। हालांकि यह अच्छा नहीं माना जाता है।

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क्या करें-क्या नहीं

ग्रहण के 3 प्रहर पहले भोजन नहीं करना चाहिए। बुजुर्ग, बालक और रोगी डेढ़ प्रहर के पहले तक खा सकते हैं। खाने-पीने की चीजों में तुलसी का या कुश की पत्तियां डाल दें उससे वह दूषित नहीं रहेगा। ग्रहण वेद के प्रारंभ में तिल या कुश मिश्रित जल का उपयोग नहीं करना चाहिए। ग्रहण शुरू होने से अंत तक अन्न या जल का सेवन ना करें। 

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