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अपनी बहन लक्ष्मी से कैसे अलग है 'अलक्ष्मी', जानें घर में क्यों नहीं होना चाहिए इनका वास

By धीरज पाल | Updated: January 18, 2018 17:04 IST

मां लक्ष्मी को धन की देवी कहा जाता है, शुभ लाभ पाने के लिए इनकी पूजा की जाती है। लेकिन क्या आपने मां लक्ष्मी की जुड़वा बहन 'अलक्ष्मी' के बारे में जाना है।

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हिंदू धर्म में करोड़ों देवी-देवताओं की पूजा की जाती है। इतने देवी-देवता होने के कारण हर किसी देवी-देवताओं के नाम को याद रखना उतना ही कठिन है जितना आसमान में तारे गिनना। हिंदू धर्म के कुछ देवी-देवताओं को प्रमुखता से गिना जाता है, जैसे - भगवान शिव, विष्णु, ब्रह्मा, गणेश, श्रीराम, श्रीकृष्ण, मां दुर्गा और मां लक्ष्मी, वैष्णो देवी आदि शामिल हैं। इन देवी-देवताओं के पीछे कई किंवदंतियां हमारे शास्त्रों, पुराणों और धार्मिक ग्रंथों में प्रचलित हैं। कुछ ऐसी ही किंवदंती प्रचलित है मां लक्ष्मी की बड़ी बहन अलक्ष्मी के बारे में।

कैसे हुई थी दोनों बहनों (लक्ष्मी और अलक्ष्मी) की उत्पत्ति!

मां लक्ष्मी को धन की देवी कहा जाता है, इनकी कामना हम शुभ और लाभ के लिए करते हैं। मां लक्ष्मी की एक जुड़वा बहन भी है जिनका नाम अलक्ष्मी है। जिन्हें दुर्भाग्य और दरिद्रता की देवी कहा जाता है। हिंदू पौराणिक कथाओं के मुताबिक मां लक्ष्मी की उत्पत्ति समुद्र मंथन से हुई थी। कहते हैं कि मां लक्ष्मी की उत्पत्ति होने से पहले ही उनकी बहन अलक्ष्मी की उत्पत्ति हुई थी, जो स्वभाव में मां लक्ष्मी के बिल्कुल विपरीत थीं। अलक्ष्मी को ज्येष्ठा लक्ष्मी के नाम से भी जाना जाताी है।

एक-दूसरे से हैं बिल्कुलअलग

1. मां लक्ष्मी को धन की देवी कहा जाता है जबकि उनकी बड़ी बहन अलक्ष्मी को दुर्भाग्य और दरिद्रता की देवी कहा जाता है। 2. पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक मां लक्ष्मी की शादी विष्णु से हुई जबकि अलक्ष्मी की शादी एक ऋषि से हुई।3 .मां लक्ष्मी हमेशा कमल पर विराजित रहती हैं और उनका वाहन गरुण है और अलक्ष्मी की सवारी उल्लु है। 4. मां लक्ष्मी को मिठाइयां और फल-फूल ज्यादा भाते हैं जबकि अलक्ष्मी को खट्टी, कड़वी और तीखी चीजें पसंद होती हैं।5. मां लक्ष्मी का निवास घर के अंदर होता है जबकि अलक्ष्मी को घर के बाहर रखा जाता है।  

दोनों को अपनाना जरूरी है! 

शास्त्रों के अनुसार भले ही अलक्ष्मी दरिद्रता का रूप हैं लेकिन वे आपके घर में वास ना कर सकें इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को कुछ कृपा कलाप करते रहना चाहिए। जिस प्रकार से मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए घर में मीठे व्यंजन तैयार कर उन्हें भोग लगाया जाता है, ठीक ईसिस तरह से शास्त्रों के अनुसार घर के बाहर नींबू मिर्ची लगाने का रिवाज है. ताकि अलक्ष्मी घर के मुख्या द्वार से ही अपनी पसंद की तीखी चीज पाकर वहीं से लौट जाए और घर के भीतर ना आ सके।  

'अलक्ष्मी' से कैसे बचें

कहा जाता है जिस घर या कमरे में साफ-सफाई नहीं होती हैव वहां अलक्ष्मी का वास होता है। इससे बचने के लिए आपको रोजना घर की साफ-सफाई रखनी चाहिए। जिस घर और कमरे में हमेशा अंधेरा होता है उस कमरे या घर में मां लक्ष्मी का नहीं बल्कि अलक्ष्मी का वास होता है। ऐसे में रोजाना कमरे में दीया या लालटेन या बल्ब जलाकर घर को एक बार दिखाना चाहिए। इससे अलक्ष्मी घर से बाहर चली जाती है। जिन घरों के परिवारों में हमेशा झगड़ा और एक-दूसरे का अनादर होता हो माना जाता है कि उस घर या परिवार पर अलक्ष्मी का प्रभाव होता है। इससे बचने के लिए घर में मां लक्ष्मी का पूजां करना चाहिए और घर में शांति बनाए रखनी चाहिए।

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