लाइव न्यूज़ :

हिंदू धर्म में मृत्यु नहीं होती जीवन का अंत, पढ़ें- क्यों दी गई मनुष्य के अंतिम संस्कार को अहमियत

By लोकमत समाचार हिंदी ब्यूरो | Updated: August 15, 2018 07:42 IST

शास्‍त्रों में अंतिम संस्कार को बहुत अहमियत दी गई है। बताया गया है कि इस संस्कार के करने से मनुष्य को परलोक में उत्तम स्थान मिलता है।

Open in App

हिन्दू धर्म में रीति-रिवाजों की एक लंबी फेहरिस्त है, जिसमें 16 संस्कार अहम माने गए हैं। ये संस्कार मनुष्य के जन्म से लेकर मृत्यु तक किए जाते हैं। इनमें से आज हम आपको मनुष्य के अंतिम संस्कार के बारे में बताने जा रहे हैं। इस संस्कार को लेकर गरुड़ पुराण में कई बातें बताई गई हैं जिनका पालन करने से मनुष्य की आत्मा को शांति मिलती है और इस विधि को 'कपाला मोक्षम' भी कहा जाता है।

शास्‍त्रों में अंतिम संस्कार को बहुत अहमियत दी गई है। बताया गया है कि इस संस्कार के करने से मनुष्य को परलोक में उत्तम स्थान मिलता है। साथ ही साथ अगले जन्म में उत्तम कुल में जन्म लेता है और सुख मिलता है। गरुड़ पुराण में कहा गया है क‌ि ज‌िस मनुष्य का अंत‌िम संस्कार नहीं होता है उसकी आत्मा मृत्‍यु के बाद प्रेत बनकर भटकती है और तरह-तरह के कष्ट भोगती है।

गरुड़ पुराण के अनुसार, हिंदू धर्म में मृत्यु को जीवन का अंत नहीं माना गया है। मृत्यु होने पर यह माना जाता है कि यह वह समय है, जब आत्मा इस शरीर को छोड़कर पुनः किसी नये रूप में शरीर धारण करती है, या मोक्ष प्राप्ति की यात्रा आरंभ करती है। किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद मृत शरीर का दाह-संस्कार करने के पीछे यही कारण है।

शास्‍त्रों कि मानें तो आत्मा अजर-अमर है और व्यक्ति की मृत्यु के बाद वह तुरंत किसी और के गर्भ में प्रवेश कर लेती है। अंतिम संस्कार के दौरान मृतक के सिर को बांस के डंडे से 'कपाला मोक्षम' क्रिया की जाती है ताकि आत्मा का दुरुपयोग होने से बचाया जा सकता है। इस रीति-रिवाज को इसलिए भी किया जाता है ताकि कोई तंत्र विद्या उस आत्मा का दुरुपयोग ना करे। 

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटDC VS MI: रोहित शर्मा ने कूपर कोनोली को पीछे छोड़ा, दिल्ली के खिलाफ छोटी मगर दमदार पारी के बाद ऑरेंज कैप की सूची में शीर्ष पर

क्रिकेटओ भाई बाल-बाल बचा अंपायर! PSL मैच के दौरान शान मसूद के ज़ोरदार शॉट से अंपायर क्रिस गैफ़नी ने गिरकर बचाई अपनी जान, Video

क्राइम अलर्टराजस्थान सड़क हादसाः पुलिस उपनिरीक्षक सहित 4 लोगों की मौत, भरतपुर में तेज रफ्तार कार ने 3 को कुचला

विश्वकर्ज़ में डूबे पाकिस्तान के लिए भारी मुसीबत, यूएई ने इसी महीने 3.5 अरब डॉलर का लोन चुकाने को कहा

कारोबारपुणे के विशाल भुजबल हैदराबाद में राष्ट्रीय सम्मेलन में सम्मानित

पूजा पाठ अधिक खबरें

पूजा पाठGuru Nakshatra Parivartan 2026: अप्रैल में इन 5 राशिवालों का शुरू होगा गोल्डन पीरियड, मोटी कमाई की उम्मीद

पूजा पाठPanchang 04 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 04 April 2026: कुंभ राशिवालों को अचानक धनलाभ मिलने की संभावना, जानें सभी राशियों का फल

पूजा पाठGrah Gochar April 2026: अप्रैल में 4 राशिवालों के लिए बनेंगे कई राजयोग, ये ग्रह गोचर दे रहे हैं शुभ संकेत

पूजा पाठPanchang 03 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग