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मकर संक्रांति पर इन 5 कार्यों को करने से प्रसन्न होते हैं सूर्य देव, भविष्य में मिलती है सफलता

By गुलनीत कौर | Updated: January 14, 2019 07:54 IST

मकर संक्रांति पर सूर्य देव की पूजा के आबाद दान का अत्यंत महत्व है। इसदिन लोग गरीबों में गुड़, तिल, घी, दाल, आदि वस्तुएं दान करते हैं। ये सभी वस्तुएं मंदिरों में भी दान रूप में चढ़ाई जाती हैं।

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हिन्दू धर्म का महत्वपूर्ण पर्व मकर संक्रांति इस बार 15 जनवरी, दिन मंगलवार को देशभर में मनाया जाएगा। 14 जनवरी की रात 8 बजकर 6 मिनट पर भगवान भास्कर यानी सूर्य का राशि परिवर्तन होगा। सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। अब चूंकि सूर्य का राशि परिवर्तन 14 जनवरी की रात को हो रहा है, इसलिए मकर संक्रांति का पर्व अगले दिन यानी 15 जनवरी को सूर्य उदय से ही माना जाएगा।

15 जनवरी की सुबह से ही पवित्र नदियों में स्नान शुरू होगा। इसके अलावा इसी दिन पूजा-पाठ और दान-पुण्य जैसे कार्य किए जाएंगे। जो लोग व्रत करना चाहते हैं, वे भी 15 जनवरी को सूर्य उदय होने के बाद ही व्रत का संकल्प लेंगे और संध्या में सूरज ढलने के बाद उनका व्रत सम्पूर्ण माना जाएगा। 

मकर संक्रांति पर धार्मिक रूप से कुछ कार्य किया जाना महत्वपूर्ण माना गया है। इन्हें करने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और भविष्य में सफलता के माफ्र्ग खुलते हैं। आइए आपको बताते हैं कि मकर संक्रांति के दिन सुबह से शाम के बीच आपको कौन से 5 कार्य करने चाहिए।

1) ब्रह्म मुहूर्त में स्नान: मकर संक्रांति के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त या फिर सुबह जल्दी नहाने का महत्व होता है। मुमकिन हो तो इसदिन किसी पवित्र नदी में स्नान करें नहीं तो नहाने के पानी में पवित्र नदी का जल मिलाकर स्नान करें। स्नान करते समय 'ॐ हास्कराय नमः' मंत्र का जाप करें।

2) सूर्य नमस्कार: मकर संक्रांति का पर्व सूर्य देव से जुड़ा, इसदिन सूर्य नमस्कार करने से सूर्य देव अधिक प्रसन्न होते हैं। मकर संक्रांति की सुबह जल्दी सना करके तांबे के पात्र में दूध और जल मिलाकर सिर देव को अर्घ्य दें। साथ ही सूर्य मंत्र का जाप भी करें।

3) दान: मकर संक्रांति पर सूर्य देव की पूजा के आबाद दान का अत्यंत महत्व है। इसदिन लोग गरीबों में गुड़, तिल, घी, दाल, आदि वस्तुएं दान करते हैं। ये सभी वस्तुएं मंदिरों में भी दान रूप में चढ़ाई जाती हैं।

4) गुड़-खिचड़ी खाएं: मकर संक्रांति पर तिल, गुड़ की चीजें और खिचड़ी बनाने के आलावा इनके सेवन का भी महत्व होता है। संक्रांति पर ये सभी चीजें बनाई जाती हैं और फिर परिवार वालों द्वारा इसका सेवन भी किया जाता है। परिवार के हर सदस्य को ये चीजें प्रसाद रूप में जरूरी खानी होती हैं।

5) पतंग उड़ाएं: मकर संक्रांति पर भारत के कई क्षेत्रों में पतंग उड़ाने की भी परंपरा है। यह रिवाज प्राचीन समय का नहीं है, किन्तु समय के साथ धीरे धीरे देश के कई हिस्सों में मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने का चलन चल गया है। इसे लोग धार्मिम परंपरा मानते हुए ही निभाते हैं। 

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