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CAA: क्या BJP छोड़ेंगे सर्बानंद सोनोवाल!, कांग्रेस ने दिया असम में वैकल्पिक सरकार बनाने का ऑफर

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 13, 2020 14:41 IST

देबब्रत साइकिया ने कहा कि सोनोवाल एक ऐसी सरकार बनाएं जो प्रदेश में नागरिकता कानून को रोकने का प्रयास करे। असम अकॉर्ड की सुरक्षा के लिए उन्होंने सोनोवाल को कांग्रेस के साथ आने का निवेदन किया है।   

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ठळक मुद्देकांग्रेस के वरिष्ठ नेता तरुण गोगोई ने शनिवार को कहा था  कि सत्तारूढ़ पार्टी को बाहर का रास्ता दिखाने के लिए असम में एक नयी राजनीतिक पार्टी की जरूरत है। देबब्रत साइकिया ने कहा कि सर्बानंद सोनोवाल भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आएं और प्रदेश में एक वैकल्पिक सरकार सीएम के तौर पर शपथ लें।

नागरिकता कानून को लेकर असम में हो रहे विरोध प्रदर्शन व लोगों के बीच केंद्र सरकार के खिलाफ गुस्से को देखते हुए कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने सर्बानंद सोनोवाल पर बड़ा दांव खेला है। कांग्रेस की तरफ विधायक दल के नेता देबब्रत साइकिया ने कहा कि सर्बानंद सोनोवाल भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आएं और प्रदेश में एक वैकल्पिक सरकार सीएम के तौर पर शपथ लें।

उन्होंने कहा कि सोनोवाल एक ऐसी सरकार बनाएं जो प्रदेश में नागरिकता कानून को रोकने का प्रयास करे। असम अकॉर्ड की सुरक्षा के लिए उन्होंने सोनोवाल को कांग्रेस के साथ आने का निवेदन किया है।   

बता दें कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तरुण गोगोई ने शनिवार को कहा था  कि सत्तारूढ़ पार्टी को बाहर का रास्ता दिखाने के लिए असम में एक नयी राजनीतिक पार्टी की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सभी पार्टियों को भाजपा की हार सुनिश्चित करनी चाहिए क्योंकि सत्तारूढ़ दल संशोधित नागरिकता कानून को वापस लेने की जनता की मांग के बजाय राज्य में शांति रैली आयोजित करके शक्ति प्रदर्शन में लगा हुआ है।

भाजपा नीत केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए राज्य में तीन बार मुख्यमंत्री रहे गोगोई ने कहा कि इसने पूरे देश को सीएए के खिलाफ सड़क पर ला दिया है और आम लोगों के लिए परेशानी पैदा कर दी है। गोगोई ने कहा कि शांति रैली करके भाजपा यह स्वीकार कर रही है कि उसके शासनकाल में राज्य में शांति प्रभावित है।

उन्होंने कहा कि असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल पर लोगों ने भरोसा किया था लेकिन वह केंद्र की ‘कठपुतली’ बन गए हैं। सोनोवाल ने कहा कि कहा कि सत्ता के लालच में सोनोवाल ने लोगों की पीठ में चाकू घोंपा है।

उन्होंने कहा, ‘‘ एक नयी पार्टी जरूरत बन गई है। हम स्वार्थ में आकर सिर्फ अपने हितों को नहीं देख रहे हैं क्योंकि नयी पार्टी हमारी पार्टी को प्रभावित कर सकती है। लेकिन हम असम के लोगों के हितों की रक्षा कर रहे हैं।’’

 

टॅग्स :नागरिकता संशोधन कानूनएनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक पंजिका)असमसर्बानंद सोनोवालकांग्रेस
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