लाइव न्यूज़ :

चोटों से परेशान स्वप्ना ने संन्यास लेने का मन बनाया

By भाषा | Updated: September 17, 2021 16:23 IST

Open in App

कोलकाता, 17 सितंबर  पीठ की चोट के कारण अवसाद से जूझ रही एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता एथलीट स्वप्ना बर्मन ने संन्यास लेने का फैसला किया है जिसकी औपचारिक घोषणा कुछ दिनों में की जाएगी।

उत्तर पूर्व फ्रंटियर रेलवे की एथलीट स्वप्ना ने वारंगल में 60वीं राष्ट्रीय ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में ऊंची कूद में स्वर्ण पदक जीतने के 24 घंटे के अंदर यह फैसला लिया है।

स्वप्ना ने वारंगल से पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘मेरा शरीर अब और सहन नहीं कर पा रहा है। मैं मानसिक रूप से बहुत परेशान हूं और यह आसान नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं थोड़ी भ्रमित हूं, लेकिन मैंने मानसिक रूप से 80-90 प्रतिशत इसे छोड़ने का मन बना लिया है। मैं कोलकाता पहुंचने के बाद ‘बड़ी’ घोषणा करूंगी।’’

स्वप्ना ने यहां अपने चहेते हेप्टाथलॉन स्पर्धा में भाग नहीं लिया। उन्होंने कहा, ‘‘ मैं यहां किसी स्पर्धा में भाग नहीं लेना चाहती थी, लेकिन रेलवे की प्रतिबद्धताओं के कारण मुझे यहां भाग लेना पड़ा।’’

जकार्ता 2018 में एशियाई खेलों का स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय हेप्टाथलीट बनने के बाद, स्वप्ना चोटों से जूझती रही। दोनों पैरों में छह-छह उंगलियां वाली इस खिलाड़ी ने 2019 में दोहा में एशियाई चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। यह उनकी आखिरी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता थी।

कोविड-19 महामारी और ‘लॉकडाउन’ के कारण स्वप्ना 2020 में किसी भी प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकती थी और 2021 में उसने तोक्यो खेलों का क्वालीफाइंग स्तर हासिल करने का लक्ष्य रखा था लेकिन फिर से चोट लगने और महामारी की दूसरी लहर ने उसकी सभी योजनाओं को पटरी से उतार दिया।

उन्होंने इस साल सिर्फ फेडरेशन कप और मौजूदा राष्ट्रीय ओपन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में भाग लिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘ ऐसा लगता है कि कुछ चीजें मेरी किस्मत में नहीं थी। मैं इसके लिए बहुत कोशिश की लेकिन चोटों से संघर्ष करना पड़ और इसे हासिल नहीं कर सकी।’’

स्वप्ना ने चिकित्सकों की सलाह पर सर्जरी में देरी की और रिहैबिलिटेशन पर भरोसा किया, लेकिन इससे ज्यादा आराम नहीं मिला और वह हालांकि सर्जरी को और टालने से बचना चाहती है।

स्वप्ना ने भावुक होकर कहा‘‘आखिरकार मुझे सर्जरी करवानी ही होगी। इस स्पर्धा के दौरान भी मैं पीठ दर्द से परेशान थी। ’’

जलपाईगुड़ी (पश्चिम बंगाल) की यह एथलीट पिछले साल उस समय विवादों में घिर गई थी, जब उसके घर पर वन विभाग के अधिकारियों ने छापा मारा था। उन पर कथित रूप से अवैध तरीके से लकड़ी रखने का आरोप था। इसके बाद स्थानीय लोगों ने उनका विरोध भी किया था।

स्वप्ना ने कहा, ‘‘ लोग मेरी उपलब्धियों से ईर्ष्या करते हैं और मेरी मां को बहुत उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। मैं इसे और नहीं सह सकती। मुझे अपने परिवार के साथ रहना होगा और इससे निपटना होगा।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटMI vs RCB: वानखेड़े में आरसीबी ने मुंबई इंडियंस को 18 रनों से हराया, MI के शेरफेन रदरफोर्ड ने खेली जुझारू पारी

भारतकर्नाटक कांग्रेस के 30 सीनियर विधायक दिल्ली पहुंचे, राहुल गांधी से मुलाकात की मांग

क्रिकेटWATCH: विराट कोहली ने आउट होने के बाद गुस्से में क्यों फेंका अपने ग्लव्स, हेलमेट?

विश्वIRGC ने ट्रंप के नौसैनिक नाकाबंदी के आदेश के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पर पूर्ण नियंत्रण का दावा किया, विरोधियों को दी चेतावनी

क्रिकेटIPL 2026 Jasprit Bumrah: 4 मैच, 15 ओवर और 123 रन?, आईपीएल 2026 में विकेट के लिए तरसे बूम-बूम बुमराह, लगातार चौथे मैच में 0 आंकड़े

अन्य खेल अधिक खबरें

अन्य खेलपुरुष हॉकी वर्ल्ड कप में एक ही ग्रुप में भारत-पाकिस्तान, मैदान में फिर भिड़ेंगी दोनों टीमें; जानें कब और कहाँ होगा महामुकाबला

अन्य खेलकश्मीर में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए गुलमर्ग छठे खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 के लिए तैयार

अन्य खेलएथलीट पीटी उषा के पति का निधन, 67 की उम्र में वी श्रीनिवासन ने ली अंतिम सांस

अन्य खेलतेजी से बदलती दुनिया में निजता का गंभीर सवाल...!

अन्य खेलविंटर ओलंपिक: बर्फ-गर्मी के बीच मुकाबला!