लाइव न्यूज़ :

Corona की नई दवा Virafin को इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी, 7 दिन में इंफेक्शन दूर करने का दावा

By गुणातीत ओझा | Updated: April 24, 2021 00:04 IST

देश में कोरोना की बढ़ती रफ्तार के बीच भारत सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। देश में अब कोरोना के खिलाफ जाइडस कैडिला (Zydus Cadila) की कोरोना की दवा विराफिन (Virafin) का इस्तेमाल किया जाएगा। ड्रग्स रेगुलेटर (DCGI) की ओर से इस दवा को इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दे दी गई है।

Open in App
ठळक मुद्देदेश में अब कोरोना के खिलाफ जाइडस कैडिला की दवा विराफिन का इस्तेमाल किया जाएगा। ड्रग्स रेगुलेटर (DCGI) की ओर से इस दवा को इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दे दी गई है।

Zydus Cadila Virafin: देश में कोरोना की बढ़ती रफ्तार के बीच भारत सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। देश में अब कोरोना के खिलाफ जाइडस कैडिला (Zydus Cadila) की कोरोना की दवा विराफिन (Virafin) का इस्तेमाल किया जाएगा। ड्रग्स रेगुलेटर (DCGI) की ओर से इस दवा को इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दे दी गई है। विराफिन के बारे में कंपनी ने दावा किया है कि यह कोरोना मरीजों के इलाज में असरदार साबित होगी। आइये आपको बताते हैं विराफिन के बारे में और इस पर किए गए कंपनी के दावे के बारे में... 

7 दिन में कोरोना मरीज की रिपोर्ट आएगी निगेटिव? 

विराफिरन के बारे में जायडस का कहना है कि 91.15 फीसदी कोरोना के वयस्क मरीजों इससे इलाज किया गया और सात दिनों के अंदर उनकी कोरोना RT-PCR रिपोर्ट निगेटिव आई है। कंपनी ने कहा कि कोरोना से संक्रमित मरीजों पर पेगिलेटेड इंटरफेरॉन अल्फा 2b (Pegylated Interferon alpha-2b) दवा का क्लीनिकल ट्रायल किया। जिसमें पाया गया कि 91.15% मरीज सात दिन में ही RT-PCR निगेटिव हो गए। इस दवा का ट्रायल भारत में 20 से 25 केंद्रों पर किया गया था।

मरीज की जान बचने की संभावना बढ़ जाती है? 

कंपन ने कहा है कि उम्र बढ़ने से शरीर की वायरस के संक्रमण से लड़ने में इंटरफेरॉन अल्फा बनाने की क्षमता कम हो जाती है। यह कोरोना पॉजिटिव उम्रदराज लोगों की मौतों का कारण बन सकता है। अगर जल्द ही पेगिलेटेड इंटरफेरॉन अल्फा 2b दी जाती है तो यह दवा इस कमी को दूर कर रिकवरी प्रक्रिया में तेजी ला सकती है। जिससे मरीज की जान बचने की संभावना बढ़ जाती है.।

बीमारी के शुरुआती दौर में यह दवा रामबाण?

कोरोना के मामूली लक्षण वाले मरीजों को शुरुआत से ही विराफिन दवा देने पर इसका तेज असर देखने को मिला है। इस दवा के प्रभाव से संक्रमित मरीज गंभीर स्थिति में जाने से बच जाते हैं। यह भी दावा किया गया है कि विराफिन लेने से सांस लेने में होने वाली परेशानी कम हो रही है। कंपनी ने दावा किया कि विराफिन देने के बाद मॉडरेट कोरोना मरीजों को महज 56 घंटे ही ऑक्सीजन देनी पड़ी, जबकि स्टैंडर्ड ऑफ केयर (SOC) में 84 घंटे ऑक्सीजन देनी पड़ रही है।

टॅग्स :कोरोना वायरस इंडियाकोरोना वायरस
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यCOVID-19 infection: रक्त वाहिकाओं 5 साल तक बूढ़ी हो सकती हैं?, रिसर्च में खुलासा, 16 देशों के 2400 लोगों पर अध्ययन

भारत'बादल बम' के बाद अब 'वाटर बम': लेह में बादल फटने से लेकर कोविड वायरस तक चीन पर शंका, अब ब्रह्मपुत्र पर बांध क्या नया हथियार?

स्वास्थ्यसीएम सिद्धरमैया बोले-हृदयाघात से मौतें कोविड टीकाकरण, कर्नाटक विशेषज्ञ पैनल ने कहा-कोई संबंध नहीं, बकवास बात

स्वास्थ्यमहाराष्ट्र में कोरोना वायरस के 12 मामले, 24 घंटों में वायरस से संक्रमित 1 व्यक्ति की मौत

स्वास्थ्यअफवाह मत फैलाओ, हार्ट अटैक और कोविड टीके में कोई संबंध नहीं?, एम्स-दिल्ली अध्ययन में दावा, जानें डॉक्टरों की राय

भारत अधिक खबरें

भारतWest Bengal: विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल की वोटर लिस्ट से करीब 90 लाख नाम हटाए गए

भारतAssam Opinion Poll 2026: बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए और भी बड़े बहुमत के साथ सत्ता में बना रहेगा, Matrize का अनुमान

भारतयूपी में सरकारी वकीलों की फीस 50% तक बढ़ाएगी सरकार, सरकारी खजाने पर बढ़ेगा 120 करोड़ रुपए का बोझ

भारत'मेरे पति 40 साल के हैं, मैं 19 की': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में महिला ने अपने प्रेमी के साथ रहने का अधिकार जीता

भारत'IIT बाबा' अभय सिंह ने कर्नाटक की इंजीनियर से शादी की, पत्नी के साथ हरियाणा में अपने पैतृक गांव पहुंचे