लाइव न्यूज़ :

बलात्कार मामले में लेखक नीलोत्पल मृणाल को राहत, कोर्ट ने गिरफ्तारी पर 31 मई तक लगाई रोक, जानिए मामला

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 9, 2022 16:45 IST

नीलोत्पल मृणाल अपनी कहन शैली को लेकर युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं। उनके दो उपन्यास- ‘डार्क हॉर्स’ और ‘औघड़’ काफी चर्चित रहें हैं।

Open in App
ठळक मुद्देनीलोत्पल मृणाल के खिलाफ दिल्ली के तिमारपुर थाना में एफआईआर दर्ज की गई हैनीलोत्पल के खिलाफ यह एफआईआर यूपी की रहनेवाली एक 32 वर्षीय महिला ने करायी है

नई दिल्लीः बलात्कार मामले में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित हिंदी लेखक नीलोत्पल मृणाल की गिरफ्तारी पर कोर्ट ने 31 मई तक रोक लगा दी है। गौरतलब है कि महिला का आरोप है कि लेखक ने शादी का झाँसा देकर उससे 10 साल तक दुष्कर्म किया। इस बाबत लेखक के खिलाफ दिल्ली के तिमारपुर पुलिस स्टेशन में बलात्कार का केस दर्ज हुआ है। लेखक की तरफ से कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आदेश पारित किया है।   

दुमका से ताल्लुक रखनेवाले नीलोत्पल मृणला पर यह आरोप उत्तर-प्रदेश के गोरखपुर की रहने वाली एक 32 वर्षीय महिला ने लगाया है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर लेखक के खिलाफ तिमारपुर थाना क्षेत्र में दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ है। घटना की जाँच चल रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक महिला ने शिकायत में कहा है कि एक पुलिस अधिकारी द्वारा नीलोत्पल पर केस दर्ज करने को लेकर धमकी मिली है।अधिकारी ने महिला और उसके पिता पर केस वापस लेने का दवाब भी बनाया था। महिला ने कहा है कि उसके पिता से कहा गया कि अगर बेटी केस करेगी तो उसपर लेखक से पैसे के लिए ब्लैकमेल करने का आरोप लगा दिया जाएगा।

गौरतलब है कि महिला का इस बाबत एक बयान भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। महिला ने कहा है कि वह संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा की तैयारी करने के दौरान साल 2013 में लेखक से मिली थी और बाद में उनकी दोस्ती हो गई। इसके बाद लेखक ने उससे शादी का वादा करके उसका फायदा उठाया। वो दस सालों से दुष्कर्म की शिकार है।

नीलोत्पल मृणाल अपनी कहन शैली को लेकर युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं। उनके दो उपन्यास- ‘डार्क हॉर्स’ और ‘औघड़’ काफी चर्चित रहें हैं। हाल ही में उनका तीसरा उपन्यास यार जादूगर प्रकाशित हुआ है। शुरू के उनके दोनों उपन्यास सबसे ज्यादा बिकने वाली किताबों की सूची में शामिल हैं। 

मृणाल खुद को कवि, कॉलमनिस्ट, ब्लॉगर, समाजिक-राजनीतिक एक्टिविस्ट भी बताते हैं। इसके साथ ही वह अपने कई गीतों को आवाज भी दे चुके हैं। साहित्यिक या संगीत के मंचों पर भी वे काफी सक्रिय रहते हैं। नीलोत्पल का जन्म 25 दिसंबर 1984 को झारखंड के दुमका (तब के बिहार) में हुआ था। साल 2016 में नीलोत्पल को देश में युवाओं को मिलने वाले सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान "साहित्य अकादमी युवा अवार्ड" से सम्मानित किया गया। 

टॅग्स :नीलोत्पल मृणालहिंदी समाचारसाहित्य अकादमी पुरस्कारसाहित्य
Open in App

संबंधित खबरें

भारतक्रांति की भाषा: भगत सिंह और हिंदी का अद्भुत संबंध

भारतदुनिया में हिंदी का विस्तृत हो रहा आकाश 

भारतVinod Kumar Shukla passes away: प्रसिद्ध साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का निधन

भारतहिंदी पत्रकारिता का जन्म प्रतिरोध की कोख से हुआ है

भारतहिंदी पत्रकारिता: अभी दिल्ली दूर है

भारत अधिक खबरें

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर