लाइव न्यूज़ :

World War II: जापान ने जब कोलकाता पर आधी रात को गिराए थे बम, हावड़ा ब्रिज था टारगेट पर

By विनीत कुमार | Updated: December 20, 2020 14:27 IST

जापान की ओर से कोलकाता हमला दूसरे विश्व युद्ध के दौरान किया गया था। कोलकाता का इस्तेमाल ब्रिटेन और अमेरिका उस समय चीन को मदद पहुंचाने के लिए कर रहे थे। जापान इस सप्लाई चेन को तोड़ना चाहता था।

Open in App
ठळक मुद्देजापान तब कोलकाता को नुकसान पहुंचाकर चीन तक पहुंचने वाले ब्रिटेन-अमेरिका के मदद को रोकना चाहता था।कोलकाता पर हमले के खतरे को देखते हुए तब पूरे शहर में अंधेरा कर दिया जाता था, कई इमारतों को भी काले रंग से रंगा गया20 दिसंबर 1942 को कोलकाता पर जापानी एयरफोर्स ने पहली बार किया हमला, हावड़ा ब्रिज को गिराने की थी कोशिश

दूसरे विश्व युद्ध में जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर अमेरिका के परमाणु बम से किए हमले की कहानी पूरी दुनिया जानती है। इस हमले में जापान को बड़ा नुकसान हुआ और दुनिया ने पहली बार परमाणु हमले का विभत्स रूप देखा। वैसे, इसी विश्व युद्ध के दौरान जापान ने भारत के कोलकाता शहर पर भी कई हवाई हमले किए थे। 

जापान की ओर से इसकी शरुआत 20 दिसंबर, 1942 को की गई और फिर कई बार अगले दो साल तक ये हमले किए गए। क्या है ये पूरी कहानी और क्यों जापान ने किया था कोलकाता शहर पर हमला, आईए हम आपको बताते हैं।

20 दिसंबर 1942 को कोलकाता पर हमला

दूसरा युद्ध चल रहा था। इस जंग में ब्रिटेन, अमेरिका समेत पश्चिमी देशों का गठबंधन जापान, जर्मनी जैसे देशों के खिलाफ युद्ध लड़ रहा था। भारत तब ब्रिटेन के अधीन था। ऐसे में भारत की जमीन का इस्तेमाल भी ब्रिटेन अपने सहयोगियों के लिए मदद पहुंचाने में कर रहा था।

इसी कारण कोलकाता को 1942 में जापान की इंपीरियल आर्मी एयरफोर्स के हवाई हमलों का सामना करना पड़ा। दरअसल, चीन भी ब्रिटेन और अमेरिका के साथ था। ऐसे में उसे मदद भारत के जरिए इन देशों से पहुंचती थी। कोलकाता इसके लिए अहम ठिकाना था।

जापान तब कोलकाता को नुकसान पहुंचाकर चीन तक पहुंचने वाले सप्लाई को रोकना चाहता था। यही कारण था कि उसने कोलकाता पर हमला बोला।

जापान के लिए दिन के उजाले में कोलकाता के ऊपर अपने हवाई जहाजों को पहुंचाकर बम गिराना मुश्किल था। इसलिए उसने रात का समय चुना। जापानी एयरफोर्स की कोशिश हावड़ा ब्रिज और कोलकाता के बंदरगाहों को निशाना बनाने की थी।

पूरे कोलकाता में रात में होता था अंधेरा

जंग के उस माहौल में कोलकाता को हवाई हमलों से बचाने के लिए रात होते ही शहर में लाइट काट दी जाती थी। पूरे शहर में कर्फ्यू होता था। कुछ बड़ी-बड़ी इमारतों को भी काले रंग से रंग दिया गया था ताकि जापानी विमान कुछ भी नहीं देख सके।

जापान ने हमला किया और कई बम भी गिराए। अंधेरा होने की वजह से जापान के बम हावड़ा ब्रिज पर नहीं गिरे। बल्कि एक होटल और दूसरी जगहों पर गिरे। इससे कोलकाता के कई इमारत तबाह हुए थे। कोलकाता के किडेरपोर बंदरगाह पर भी जापान ने बम गिराए जिसमें जानमाल का नुकसान हुआ।

बाद में ब्रिटेन ने 1943 में कोलकाता और भारत के दूसरे अहम ठिकानों की सुरक्षा और पुख्ता की और रात में रडार की मदद से हमले करने वाले कई लड़ाकू विमान भेजे। इससे जापानी हवाई जहाजों को भारी नुकसान हुआ और उनके कई फाइटर प्लेन हवा में ही ब्रिटेन ने उड़ा दिए।

टॅग्स :कोलकाताजापानब्रिटेनअमेरिकाचीन
Open in App

संबंधित खबरें

विश्व'अगले 48 घंटों तक घर के अंदर ही रहें' : ईरान में मौजूद नागरिकों के लिए भारतीय दूतावास तत्काल सुरक्षा एडवाइज़री जारी की

विश्वक्या डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ करेंगे परमाणु हथियार का इस्तेमाल?, व्हाइट हाउस ने दिया जवाब

अन्य खेल'हम नए लॉन्च प्लेटफॉर्म्स के साथ अपने हमले दोगुने कर देंगे': ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का जवाब

विश्वआज रात एक पूरी सभ्यता का अंत होगा?, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ पर पोस्ट किया, फिर कभी जीवित नहीं?

विश्वजान बचानी हो तो अगले 12 घंटे तक ट्रेन की यात्रा मत करना?, इजरायली सेना ने ईरान के लोगों को दी धमकी?, ईरानी समयानुसार रात 9:00 बजे तक पूरे देश में यात्रा करने से बचें

भारत अधिक खबरें

भारतNagpur: पवनी सफारी में दिखा दुर्लभ ‘काला चीतल’, पर्यटकों में बढ़ा रोमांच

भारत‘अपने स्तर को नीचे न गिराएं’: मल्लिकार्जुन खड़गे के ‘गुजरात के लोग अनपढ़ हैं’ वाले बयान पर शशि थरूर की सलाह

भारत'इस बार पाकिस्तान के कितने टुकड़े होंगे ये तो सिर्फ ऊपरवाला जानता है', राजनाथ सिंह ने PAK के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ की धमकी का दिया करारा जवाब

भारत403 करोड़ रुपए खर्च?, योगी सरकार का सियासी दांव, बीआर अंबेडकर की मूर्ति पर लगेगा छत्र

भारतमहाराष्ट्र सरकार ने ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा टेस्ट अनिवार्य रूप से किया शुरू