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जज लोया की मौत की जांच: याचिकाकर्ता के वकील ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- केस से हटने के लिए डाला जा रहा है दबाव

By लोकमत समाचार हिंदी ब्यूरो | Updated: February 20, 2018 09:20 IST

वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया ने नोटिस जारी किया है जिसमें कहा है कि आप याचिकाकर्ता के लिये क्यों पेश हो रहे हैं और दबाव बनाने की कोशिश हो रही है।

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नई दिल्ली, 20 फरवरी:  स्पेशल सीबीआई जज बीएच लोया की मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने आरोप लगाया कि उनपर मामला छोड़ने के लिये दबाव डाला जा रहा है। वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया ने नोटिस जारी किया है जिसमे कहा है कि आप याचिकाकर्ता के लिये क्यों पेश हो रहे हैं और दबाव बनाने की कोशिश हो रही है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह सीबीआई के विशेष जज बीएच लोया की मौत के मामले को अत्यंत गंभीरता से देख रहा है। इसे लेकर बाहर क्या बोला जा रहा है, उसपर उसका ध्यान नहीं है। इसके साथ ही चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे को भरोसा भी दियाया और कहा कि आप अपीयर हों। 

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक चीफ जस्टिस मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने कहा, 'न्यायिक बिरादरी के एक सदस्य की मौत हुई है। हम इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं और इसपर उद्देश्य के तौर पर विचार कर रहे हैं। अदालत कक्ष के बाहर चाहे जो कुछ भी कहा गया हो, हम अपना काम करेंगे। जहां तक हमारा सवाल है, हम आपको आश्वस्त करते हैं कि कोई भी आपको मामले में दलील रखने से नहीं रोक सकता है।' बेंच ने यह भी कहा, 'पहले दिन ही हमने कहा था कि यह गंभीर चिंता का विषय है। अगर किसी तरह का संदेह है तो हम देखेंगे कि क्या जांच की जरूरत है। अगर उसकी अंतरात्मा उत्प्रेरित हुई तो हम जांच के लिए कह सकते हैं।' 

यह भी पढ़ें: जानिए क्या है जस्टिस बीएच लोया की मौत का पूरा मामला?

क्या है जस्टिस लोया की मौत का मामला

1 दिसंबर 2014 को नागपुर में एक कलीग की बेटी की शादी में जाते वक्त जस्टिस लोया की मौत हुई थी। तब वह सीबीआई के स्पेशल जज थे। तब उनकी मौत को सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले से जोड़ कर देखा गया था। सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में अमित शाह पर भी आरोप लग थे। जस्टिस लोया मामले में जज थे। मौत के ठीक बाद उनकी बहन ने आशंका ऐसी आशंका जाहिर की थी कि यह आम मौत नहीं थी। 

इसके बाद बॉम्बे लॉयर्स एसोसिएशन के वकील अहमद आबिदी ने हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल की थी। जबकि महाराष्ट्र के पत्रकार बीआर लोन ने कांग्रेस नेता तहसीन पूनावाला के साथ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। जस्टिस अरुण मिश्रा व जस्टिस एमएम शांतानागौदर ने इसे बेहद गंभीर मामला बताया था।

टॅग्स :बीएच लोयासुप्रीम कोर्टइंडियादीपक मिश्रा
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