लाइव न्यूज़ :

कोविड-19 से अनाथ हुए बच्चों के लिए ‘ उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ शुरू

By भाषा | Updated: May 29, 2021 21:48 IST

Open in App

लखनऊ, 29 मई कोविड-19 के कारण अपने माता-पिता खो चुके बच्चों के लालन-पालन, शिक्षा-दीक्षा सहित उनके विकास के सभी संसाधन उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को ‘ उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ की शुरुआत की।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे बच्चों जिन्होंने कोविड-19 के कारण अपने माता-पिता या उनमें से एक अथवा विधिक अभिभावक खो दिया है, उनकी समुचित देखभाल राज्य सरकार द्वारा की जाएगी।

उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों को जीवन में उन्नति के सभी अवसर उपलब्ध हो सकें, इसके लिए राज्य सरकार सभी जरूरी प्रबन्ध करने के लिए तत्पर है और इसी उद्देश्य से ''उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना'' की शुरूआत की जा रही है।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 197 ऐसे बच्चे हैं जिन्होंने कोविड-19 की वजह से अपने माता-पिता दोनों को खो दिया है। वहीं, 1790 ऐसे बच्चे हैं जिनके माता पिता में से किसी एक का निधन हुआ है, लेकिन ऐसे बच्चों की जांच जायेगी ताकि पता लगाया जा सके कि उनके माता या पिता की वार्षिक आय कितनी है।

प्रवक्ता के मुताबिक उत्तर प्रदेश में करीब एक हजार ऐसे बच्चे होंगे जिन्हें ‘उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ के तहत सहायता मिलेगी।

प्रवक्ता के मुताबिक इस योजना के तहत बच्चे के वयस्क होने तक उनके अभिभावक अथवा देखभाल करने वाले को 4,000 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान की जायेगी। दस वर्ष की आयु से कम उम्र के ऐसे बच्चे जिनका कोई अभिभावक अथवा परिवार नहीं है, ऐसे सभी बच्चों को प्रदेश सरकार द्वारा भारत सरकार की सहायता से अथवा अपने संसाधनों से संचालित राजकीय बाल गृह (शिशु) में देखभाल की जाएगी। बता दें कि मथुरा, लखनऊ, प्रयागराज, आगरा एवं रामपुर में राजकीय बाल गृह (शिशु) संचालित हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनाथ हुईं अवयस्क बालिकाओं की देखभाल सुनिश्चित की जाएगी, उन्हें भारत सरकार द्वारा संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (आवासीय) में अथवा प्रदेश सरकार द्वारा संचालित राजकीय बाल गृह (बालिका) में रखा जाएगा। जहां इनकी देखभाल और शिक्षा-दीक्षा के प्रबंध होंगे।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 13 ऐसे बाल गृह संचालित हैं। इसके अलावा, सुविधानुसार उन्हें प्रदेश में स्थापित किए जा रहे 18 अटल आवासीय विद्यालयों में रखकर उनकी देखभाल की जाएगी।

प्रवक्ता के मुताबिक मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि बालिकाओं के विवाह की समुचित व्यवस्था के लिए प्रदेश सरकार बालिकाओं की शादी हेतु 1,01,000 रुपये की राशि उपलब्ध कराएगी।

उन्होंने बताया कि स्कूल अथवा कॉलेज में पढ़ रहे अथवा व्यावसायिक शिक्षा ग्रहण कर रहे ऐसे सभी बच्चों को टैबलेट/लैपटॉप की सुविधा सरकार उपलब्ध कराएगी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतगुजरात की पार्षद ने BJP छोड़ी, कांग्रेस में शामिल हुईं, फिर कुछ ही घंटों में ही कर ली 'घर वापसी'

भारतAssembly Elections 2026: असम में 85.65% में मतदाताओं की भागीदारी, केरल में 78.24%, तो पुडुचेरी में 89.08% रही वोटिंग

भारतअपने जन्मदिन से पहले, अनंत अंबानी ने गुजरात के सालंगपुर मंदिर स्थित गौशाला को दान किए ₹10 करोड़

विश्वईरान ने US के साथ हुए सीज़फ़ायर समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से जहाज़ों के गुज़रने की सीमा रोज़ाना 15 जहाज़ों तक तय की

कारोबारसावधानीपूर्वक निवेश से ठोस संपत्ति की ओर: निश्चित आय वालों का भूखंड की ओर बढ़ता रुझान

भारत अधिक खबरें

भारतपरिसीमन 2026: ‘I-YUVA फॉर्मूला’ के साथ संतुलित लोकतंत्र की नई दिशा

भारतAssembly Elections 2026: असम में 84.42% मतदान दर्ज, केरल, पुडुचेरी में जानें शाम 5 बजे तक मतदान का रुझान

भारतKerala Elections 2026: केरलम में 140 सीटों पर मतदान संपन्न, शाम 5 बजे तक 75% वोटिंग

भारतपिता अजीत पवार की गुलाबी जैकेट पहनकर पार्थ पवार ने राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली, वीडियो

भारतVIDEO: 'क्या आपकी लैंग्वेज अनपार्लियामेंट हो गई है?' ये सवाल पूछे जाने पर हिमंत बिस्वा सरमा ने 'लल्लनटॉप' के रिपोर्टर को झाड़ा, दोनों के बीच हुई बहस