लाइव न्यूज़ :

जोशीमठ में लाल निशान वाले घरों पर लगाए गए 'इस्तेमाल लायक नहीं' के पोस्टर

By शिवेंद्र राय | Updated: January 14, 2023 16:12 IST

इंजीनियरों की टीम ने आकलन के बाद जोशीमठ में अब तक दो दर्जन से अधिक इमारतों पर 'इस्तेमाल लायक नहीं' के पोस्टर लगाए हैं। आकलन के बाद मूल्यांकन रिपोर्ट उत्तराखंड सरकार को प्रस्तुत की जाएगी ताकि वे उसके अनुसार एक प्रशासनिक योजना बना सकें।

Open in App
ठळक मुद्दे जोशीमठ में हुआ 4000 भवनों का आकलनदो दर्जन मकानों पर 'इस्तेमाल लायक नहीं' का पोस्टर लगाया गयाजोशीमठ में जमीन धंसने और दरार आने की गति लगातार बढ़ती जा रही है

जोशीमठ: उत्तराखंड के जोशीमठ में दरार वाले घरों का निरीक्षण करने पहुंची इंजीनियरों की टीम ने 9 वॉर्डों में 4000 भवनों का आकलन किया। आकलन के बाद टीम ने जर्जर हो चुकी इमारतों को चिन्हित कर उनकी दीवारों पर 'इस्तेमाल लायक नहीं' का पोस्टर लगा दिया है। इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी देते हुए सीबीआरआई के मुख्य अभियंता डॉ. अजय चौरसिया ने बताया कि हम भवनों के विवरण का आकलन कर रहे हैं कि भवन का निर्माण कैसे किया गया, किस सामग्री का उपयोग किया गया और यह निर्धारित मानदंडों के अनुसार था या नहीं। 

डॉ. अजय चौरसिया ने आगे बताया कि जिन घरों में दरारें आने की सूचना मिली है उनके आकलन के बाद  मूल्यांकन रिपोर्ट उत्तराखंड सरकार को प्रस्तुत की जाएगी ताकि वे उसके अनुसार एक प्रशासनिक योजना बना सकें। इंजीनियरों की टीम ने आकलन के बाद अब तक  दो दर्जन से अधिक इमारतों पर  'इस्तेमाल लायक नहीं' के पोस्टर लगाए हैं।

जब ये पूरी प्रक्रिया चल रही थी तब पीड़ित मकान मालिक चुप-चाप टीम को घरों पर पोस्टर लगाते हुए देख रहे थे। बता दें कि जोशीमठ में जमीन धंसने और दरार आने की गति लगातार बढ़ती जा रही है। भू-धंसाव को लेकर कई अध्ययन किए जा रहे हैं और अब तक जो सामने आया है उसके हिसाब से पूरे जोशीमठ के अस्तित्व पर ही खतरा मंडरा रहा है।

जोशीमठ में अशुरक्षित घोषित किए गए होटलों और घरों को ढहाए जाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। उत्तराखंड सरकार ने पीड़ितों के लिए राहत की घोषणा भी की है और विस्थापितों के लिए  मकानों के किराए की धनराशि पांच हजार तय की है। इसके अलावा विस्थापितों के बिजली-पानी के बिल 6 महीने की अवधि के लिए माफ करना तथा बैंकों से उनके ऋणों की वसूली एक साल तक स्थगित रखना भी शामिल है।

शनिवार को ही जोशीमठ-औली को जोड़ने वाली रोप-वे के प्लेटफार्म में आई दरार को देखते हुए रोप-वे को भी अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। बता दें कि जोशीमठ में घरों में आ रही दरारों की सबसे बड़ी वजह पहाड़ों में विकास के नाम पर दिन रात चल रहे निर्माण कार्य और बड़ी-बड़ी मशीनों से हो रहे ड्रिलिंग को बताया जा रहा है।

विशेषज्ञों का ये भी कहना है कि जब एनटीपीसी जैसे प्रोजेक्टों के लिए खुदाई होती है तो उसकी वजह से पहाड़ का ऊपरी हिस्सा कमजोर होने लगता है। सरकार ने इस तथ्य को नजरअंदाज किया और अब जोशीमठ जैसा उदाहरण हमारे सामने है।

टॅग्स :उत्तराखण्डपुष्कर सिंह धामीNTPCभूस्खलन
Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठभगवान हनुमान के अवतार माने जाते हैं बाबा नीम करोली?, कैंची में बनाया अपना धाम, हर साल जाते हैं करोड़ों लोग?

क्राइम अलर्टदेहरादून क्राइमः पुलिस हिरासत में पीआरडी जवान सुनील रतूड़ी की मौत, रायपुर थाना प्रभारी समेत 3 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, SSP प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने दिए जांच आदेश

भारतChar Dham Yatra 2026: 19 अप्रैल से शुरू हो रही चार धाम यात्रा, सबसे पहले खुलेंगे यमुनात्री और गंगोत्री द्वार; पूरा शेड्यूल यहां

भारतउत्तराखंड सीएम धामी के मंत्रिमंडल में 5 नए मंत्री शामिल, देखिए किसे-किसे बनाया मंत्री

क्रिकेटनीले रंग की मखमली शेरवानी में कुलदीप और कढ़ाई से सजे लहंगे में बेहद खूबसूरत लगीं वंशिका चड्ढा?, शानदार एंट्री और डांस परफॉर्मेंस, वीडियो

भारत अधिक खबरें

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारतउत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?

भारतTamil Nadu Polls: बीजेपी कैंडिडेट्स की लिस्ट में अन्नामलाई का नाम नहीं, 'सिंघम' किए गए साइडलाइन या नई जिम्मेदारी की तैयारी

भारतमुख्यमंत्री नीतीश को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा को लेकर सियासत, तेजस्वी ने कहा- ‘असम्‍मान जनक विदाई’, नीरज कुमार बोले- लालू जी की तरह परिवार को सीएम नहीं बनाएंगे?