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तृणमूल ने कोलकाता नगर निगम की सत्ता लगातार तीसरी बार हासिल की, अब तक 101 सीटें जीतीं, 33 पर आगे

By भाषा | Updated: December 21, 2021 16:28 IST

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कोलकाता, 21 दिसंबर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के सात महीने बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने कोलकाता नगर निगम (केएमसी) की सत्ता पर मंगलवार को लगातार तीसरी बार कब्जा कर लिया। पार्टी के उम्मीदवारों ने 144 वार्डों में से 101 में जीत दर्ज कर ली है, जबकि 33 सीटों पर बढ़त बनाई हुई है।

राज्य चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अबतक सिर्फ एक सीट जीती है और तीन अन्य पर उसके उम्मीदवार आगे चल रहे हैं।

कांग्रेस ने दो सीटों पर फतह हासिल की है लेकिन माकपा नीत वाम मोर्चा ने अबतक अपना खाता नहीं खोला है। हालांकि, उसके उम्मीदवार दो वार्डों में आगे चल रहे हैं।

निगम की 144 सीटों पर सुबह आठ बजे मतगणना शुरू हो गई थी।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने ‘प्रचंड विजय’ के लिए महानगर के लोगों का आभार जताया।

बनर्जी ने अपने आवास के बाहर पत्रकारों से कहा, “ मैं इस जीत को राज्य के लोगों और मां माटी, मानुष को समर्पित करना चाहती हूं। भाजपा, कांग्रेस और माकपा जैसे कई राष्ट्रीय दलों ने हमारे खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन वे सभी हार गए। यह जीत आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजनीति को रास्ता दिखाएगी।”

राज्य चुनाव आयोग के अधिकारी के अनुसार, “रुझानों के मुताबिक, टीएमसी 33 वार्डों में आगे चल रही है और उसने 101 सीटों पर जीत हासिल कर ली है। केएमसी में अब उसका स्पष्ट बहुमत है। भाजपा तीन वार्डों में आगे चल रही है, जबकि उसकी उम्मीदवार मीना देवी पुरोहित ने वार्ड संख्या 22 से जीत हासिल की है। माकपा और भाकपा एक-एक वार्ड में आगे हैं और कांग्रेस ने दो सीटों पर जीत प्राप्त की है।”

वार्ड-वार रूझानों के मुताबिक, भले ही टीएमसी अपनी प्रतिद्वंद्वी से काफी आगे हो और भाजपा दूसरे नंबर पर हो, लेकिन मत प्रतिशत के मामले में, अधिकतर वार्डों में वाम मोर्चा मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरा है।

अप्रैल-मई में हुए विधानसभा चुनावों में टीएमसी ने शहर की सभी 16 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी और भाजपा मत प्रतिशत के मामले में सभी सीटों और केएमसी वार्डों में मुख्य चुनौती के रूप में उभरी थी।

एसईसी की वेबसाइट के आंकड़ों के मुताबिक, वार्ड संख्या 117 से टीएमसी प्रत्याशी अमित सिंह व वार्ड संख्या 119 से उम्मीदवार काकोली बाग विजयी रहे हैं।

लोकसभा सदस्य और पांच बार की पार्षद माला रॉय अपनी वार्ड संख्या 88 से छठी बार जीती हैं। वहीं टीएमसी विधायक और मौजूदा पार्षद देबाशीष कुमार ने भी वार्ड संख्या 85 से फतह हासिल की है।

टीएमसी विधायक और मौजूदा पार्षद अतिन घोष ने उत्तर कोलकाता के वार्ड संख्या 11 से जीत दर्ज की है। वार्ड संख्या 118 से टीएमसी के सिंह लगातार तीसरी बार विजयी रहे।

कांग्रेस के संतोष पाठक और उस्मान अंसारी ने क्रमश: वार्ड संख्या 45 और 137 से जीत हासिल की है।

वार्ड संख्या 22 में भाजपा की मौजूदा पार्षद और कोलकाता की पूर्व उपमहापौर मीना देवी पुरोहित लगातार छठी बार जीती हैं।

भाजपा वार्ड संख्या 23, 41 और 50 पर आगे चल रही है। वहीं माकपा वार्ड संख्या 103 पर आगे है।

टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी “विशाल जनादेश” के लिए कोलकाता के लोगों को धन्यवाद दिया।

उन्होंने ट्वीट किया, “कोलकाता के लोगों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि बंगाल में नफरत और हिंसा की राजनीति के लिए कोई स्थान नहीं है। इतने विशाल जनादेश से हमें आशीर्वाद देने के लिए मैं सभी का धन्यवाद करता हूं। हम वास्तव में बहुत सम्मानित महसूस कर रहे हैं और हमेशा आपकी बेहतरी के लिए अपने लक्ष्यों में प्रतिबद्ध रहेंगे। धन्यवाद कोलकाता।”

पार्टी के वरिष्ठ नेता और कोलकाता के पूर्व महापौर फरहाद हाकिम ने कहा कि यह शहर में पिछले एक दशक में पार्टी के विकास कार्यों की जीत है।

हाकिम ने कहा, “2010 से हमारे विकास के प्रयास इस जीत को सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त थे। अभी, हम पर्यावरणीय मुद्दों सहित बेहतर नागरिक सेवाओं पर ध्यान केंद्रित करेंगे। हम निकट भविष्य में शहर को कोविड मुक्त बनाने का प्रयास करेंगे।”

दूसरी ओर भाजपा ने परिणामों को “आतंक के शासन” का प्रतिबिंब बताया, जिसे टीएमसी ने फैलाया था।

भाजपा नेता शमिक भट्टाचार्य ने कहा, “यह परिणाम अपेक्षित था क्योंकि केंद्रीय बलों की अनुपस्थिति में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव नहीं हुए थे।”

माकपा के वरिष्ठ नेता सुजान चक्रवर्ती को नतीजों में एक बढ़त दिखी है, क्योंकि वाम मार्चा अधिकतर वार्डों में मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरा है।

उन्होंने कहा, “ अगर चुनाव निष्पक्ष हुए होते, तो हमारे नतीजे बहुत बेहतर होते।”

केएमसी के लिए चुनाव रविवार को हुआ था। इस दौरान हिंसा की छिटपुट घटनाएं सामने आईं थीं, जिनमें दो बूथ पर बम फेंकना शामिल है। चुनाव में 63 फीसदी मतदान हुआ था।

टीएमसी केएमसी की सत्ता पर 2010 से काबिज़ है। उसने 2015 के चुनाव में 124 सीटें जीती थीं, जबकि वाम मोर्चे को 13 सीटें मिली थीं। भाजपा ने पांच और कांग्रेस ने दो सीटों पर जीत हासिल की थी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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