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तमिलनाडु : पुलिस ने दुष्कर्म के आरोपी वायु सेना अफसर की हिरासत मांगी

By भाषा | Updated: October 8, 2021 18:09 IST

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कोयंबटूर, आठ अक्टूबर तमिलनाडु के कोयंबटूर में दुष्कर्म के आरोपी, भारतीय वायुसेना के फ्लाइट लेफ्टिनेंट अमितेश हरमुख को हिरासत में लेने की मांग करते हुए शहर की पुलिस ने यहां की प्रधान जिला अदालत में एक पुनरीक्षण याचिका दायर की है।

फ्लाइट लेफ्टिनेंट अमितेश हरमुख को एक महिला सहकर्मी के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में 25 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था।

अतिरिक्त महिला अदालत ने 30 सितंबर को पुलिस को आरोपी को भारतीय वायु सेना को सौंपने का आदेश दिया था ताकि भारतीय वायुसेना अधिनियम के तहत उसका कोर्ट मार्शल किया जा सके।

वायु सेना की पीड़ित महिला अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई की। पीड़िता का आरोप है कि उसकी शिकायत पर वायु सेना के अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की और अंत में उसे पुलिस आयुक्त के पास जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। पुलिस आयुक्त ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था, जिसके बाद वायु सेना के अधिकारी को गिरफ्तार कर पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

भारतीय वायु सेना अधिनियम का हवाला देते हुए, वायु सेना के अधिकारियों ने कोर्ट मार्शल करने के लिए अमितेश की हिरासत की मांग की थी और कहा था कि यह मामला पुलिस के अधिकार क्षेत्र से बाहर है।

इसके बाद अतिरिक्त महिला अदालत की न्यायाधीश (प्रभारी) थिलागेश्वरी ने पुलिस को आरोपी को भारतीय वायुसेना को सौंपने का आदेश दिया था।

कोयंबटूर पुलिस ने अमितेश को दोबारा हिरासत में लेने के लिए पुनरीक्षण याचिका दायर कर बृहस्पतिवार को यहां प्रधान जिला अदालत में महिला अदालत के आदेश को रद्द करने की मांग की।

पीड़ित महिला अधिकारी ने वायु सेना के अधिकारियों पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने समेत अन्य गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का आरोप है कि उसे प्रतिबंधित टू-फिंगर जांच से भी होकर गुजरना पड़ा। पुलिस का कहना है कि मामला अभी तक वायु सेना को हस्तांतरित नहीं किया गया है, इसलिए उसे आरोपी को हिरासत में लेने का अधिकार है।

हालांकि, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी ने पीड़िता के टू-फिंगर जांच के आरोपों से इनकार किया है।

पुलिस ने कहा कि चूंकि वायु सेना ने अभी तक कोर्ट मार्शल करने के लिए किसी भी अधिकारी को नियुक्त नहीं किया है, इसलिए मामले की जांच पूरी होने और सुनवाई के लिए तैयार होने के बाद ही यह मामला वायु सेना अधिनियम 1950 की धारा 124 (आपराधिक अदालत और कोर्ट मार्शल के बीच चयन) के अनुसार स्थानांतरित किया जा सकता है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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