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MP कैबिनेटः शिवराज सिंह चौहान ने बांटे पांचों मंत्रियों को विभाग, ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबियों को मिली ये जिम्मेदारी

By रामदीप मिश्रा | Updated: April 22, 2020 12:51 IST

मध्य प्रदेशः शपथ लेने वाले पांच मंत्रियों में एक ब्राह्मण (मिश्रा), एक क्षत्रिय (राजपूत), एक अनुसूचित जाति (सिलावट), एक अनुसूचित जनजाति एवं एक अन्य पिछड़ा वर्ग (पटेल) से हैं और इस प्रकार चौहान ने इस विस्तार में जातीय समीकरण को ध्यान में रखा है।

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ठळक मुद्दे नरोत्तम मिश्रा को गृह और स्वास्थ्य विभाग दिया गया है।कल राज्यपाल लालजी टंडन ने राजभवन में एक छोटे एवं सादे समारोह में पांच सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई थी।

भोपालः मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शपथ लेने के 29 दिन बाद पांच सदस्यीय मंत्रिपरिषद का गठन किया, जिसके बाद बुधवार (22 अप्रैल) को विभागों का बंटवारा किया है। नरोत्तम मिश्रा को गृह और स्वास्थ्य विभाग दिया गया है। बता दें, बीते दिन कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगे लॉकडाउन के बीच राज्यपाल लालजी टंडन ने राजभवन में एक छोटे एवं सादे समारोह में पांच सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई थी। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार नरोत्तम मिश्रा को गृह और स्वास्थ्य विभाग आवंटित किया गया। कमल पटेल को कृषि मंत्री बनाया गया और तुलसी सिलावट को जल संसाधन विभाग दिया गया। गोविंद सिंह राजपूत को खाद्य प्रसंस्करण मंत्री और मीना सिंह को आदिवासी कल्याण विभाग दिया गया। मंत्रियों को विभाग आवंटित करने के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट करते हुए कहा, 'मंत्रिमंडल के सभी साथियों को अपने-अपने विभागों का पदभार ग्रहण करने पर मेरी शुभकामनाएं। हम सब मिलकर मध्यप्रदेश की सेवा करेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नए भारत के विजन को प्रदेश में साकार करेंगे।' बता दें, इनमें से तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक हैं। ये दोनों कमलनाथ के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री थे और सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के बाद उन 22 विधायकों में शामिल थे जो कांग्रेस छोड़ कर बीजेपी में शामिल हुए थे।  मंगलावर शपथ लेने वाले पांच मंत्रियों में एक ब्राह्मण (मिश्रा), एक क्षत्रिय (राजपूत), एक अनुसूचित जाति (सिलावट), एक अनुसूचित जनजाति एवं एक अन्य पिछड़ा वर्ग (पटेल) से हैं और इस प्रकार चौहान ने इस विस्तार में जातीय समीकरण को ध्यान में रखा है।उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते प्रदेश में मंत्रिपरिषद के गठन में देरी हुई है। साथ ही साथ छोटे मंत्रिपरिषद का गठन किया गया है। प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या 1552 पर पहुंच गई है। इस बीमारी से मरने वालों की तादाद 80 हो गई है।  

कोरोना वायरस की महामारी से प्रदेश में हुई 80 मौतों में से सबसे अधिक 52 मौतें अकेले इन्दौर में हुई हैं, जबकि भोपाल एवं उज्जैन में सात-सात, देवास में छह, खरगोन में तीन और छिंदवाड़ा, जबलपुर, आगर मालवा, धार तथा मंदसौर में एक-एक मरीज की मौत हुई है। डिंडोरी जिले में मंगलवार को पहली बार एक व्यक्ति के संक्रमित पाये जाने के बाद प्रदेश के कुल 52 में से 27 जिलों में अब तक कोरोना महामारी ने अपनी दस्तक दे दी है। 

टॅग्स :शिवराज सिंह चौहानभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)मध्य प्रदेशकोरोना वायरस
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