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मल्लिकार्जुन खड़गे से संजय निरुपम की नाराजगी फिर आई सामने, शस्त्र पूजा को तमाशा बताने पर बिफरे

By विनीत कुमार | Updated: October 9, 2019 16:42 IST

मल्लिकार्जुन खड़गे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के फ्रांस में जाकर राफेल विमान को रिसीव करने और शस्त्र पूजा को तमाशा बताया था। इसके बाद संजय निरुपम की ये प्रतिक्रिया सामने आई है।

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ठळक मुद्देसंजय निरुपम ने मल्लिकार्जुन के बयान के बाद कहा- शस्त्र पूजा तमाशा नहीं परंपरा हैनिरुपम ने साथ ही कहा- 'खड़गे जी नास्तिक हैं लेकिन कांग्रेस पार्टी में हर कोई नास्तिक नहीं है।'

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के राफेल लड़ाकू विमान की फ्रांस में शस्त्र पूजा को कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा तमाशा बताने पर संजय निरुपम ने नाराजगी जताई है। महाराष्ट्र के बड़े कांग्रेसी नेताओं में शामिल और इन दिनों पार्टी से नाराज चल रहे हैं संजय निरुपम ने कहा कि शस्त्र पूजा कभी भी तमाशा नहीं हो सकता और देश में इसकी एक पुरानी परंपरा रही है। संजय निरुपम ने सीधे-सीधे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता खड़गे पर हमला करते हुए कहा, 'मुश्किल ये है कि खड़गे जी नास्तिक हैं। कांग्रेस पार्टी में हर कोई नास्तिक नहीं है।' 

इससे पहले खड़गे का बयान सामने आया था जिसमें उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के फ्रांस जाकर राफेल की शस्त्र पूजा करने को लेकर कटाक्ष किया। खड़गे ने राजनाथ सिंह के कार्यक्रम पर तंज कसते हुए कहा था, 'ऐसा तमाशा करने की कोई जरूरत नहीं थी। हम जब पूर्व में बोफोर्स गन जैसा हथियार खरीदकर ले आये थे तब कोई भी दिखावे के लिए वहां नहीं गया था।' 

महाराष्ट्र चुनाव को लेकर टिकट बंटवारे से नाराज चल रहे हैं निरुपम

इससे पहले भी संजय निरुपम की मल्लिकर्जुन खड़गे को लेकर नाराजगी सामने आ चुकी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता खड़गे महाराष्ट्र चुनाव में पार्टी के प्रभारी हैं। हालांकि, संजय निरुपम यह बात कहते रहे हैं कि उनकी बात नहीं सुनी जा रही है। महाराष्ट्र चुनाव के लिए टिकट बंटवारे को लेकर भी निरुपम खुश नहीं हैं।

संजय निरुपम ने कुछ ही दिन पहले प्रेस के सामने कहा था, 'महान नेता खड़गे जी ने चुनाव की रणनीति बनाने के लिए मीटिंग बुलाई। 15 मिनट में मीटिंग खत्म हो गई। किसी को बोलने नहीं दिया। मीटिंग में खुद बोले और मेरा मजाक उड़ाकर चले गए। दुर्भावना से ग्रस्त ऐसे महान रणनीतिकार कॉंग्रेस को बचाएंगे या निपटाएँगे?'

मीडिया के सामने संजय यहां तक कह गये कि सबकुछ ऐसे ही चलता रहा तो उन्हें नहीं लगता कि पार्टी के साथ रह सकेंगे। संजय निरुपम यह भी घोषणा कर चुके हैं कि वह 21 अक्टूबर को प्रस्तावित महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए प्रचार नहीं करेंगे। संजय निरुपम ने इशारों-इशारों में ये भी कह दिया था कि सोनिया गांधी को अपने दरबारियों से अलग होना चाहिए। 

टॅग्स :संजय निरुपममल्लिकार्जुन खड़गेराजनाथ सिंहराफेल सौदाकांग्रेसमहाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019
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