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रेमडेसिविर इंजेक्शन मामला : दो लोगों पर रासुका लगी, अस्पताल संचालक एवं एक अन्य पर लगेगी रासुका

By भाषा | Updated: May 12, 2021 00:46 IST

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जबलपुर (मप्र), 11 मई मध्य प्रदेश के जबलपुर में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने को लेकर मंगलवार को दो लोगों पर रासुका लगाया गया है, जबकि एक निजी अस्पताल संचालक सहित दो आरोपियों पर नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने के लिए जल्द ही रासुका लगाई जाएगी।

यहां जारी सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार जबलपुर के जिलाधिकारी कर्मवीर शर्मा ने जबलपुर शहर में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने के लिए मंगलवार को दो लोगों एस खान (30) एवं विवेक सिंह (27) के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाने का मंगलवार को आदेश जारी किया।

ये दोनों आरोपी तीन से चार हजार रूपये वाले दो रेमडेसिविर इंजेक्शनों को 25,000-25,000 रूपये में बेचने के लिए छह मई को गिरफ्तार किये गये थे।

विज्ञप्ति के अनुसार खान यहां एक निजी अस्पताल में काम करता है। उसने अस्पताल में भर्ती कोविड-19 के मरीज को लगाने की बजाय इस इंजेक्शन को चुरा कर खुले बाजार में अवैध रूप से बेच दिया। गिरफ्तार किये जाने से पहले इन दोनों आरोपियों ने छह रेमडेसिविर इंजेक्शनों को खुले बाजार में बेचा।

इस बीच, नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन के मामले में गिरफ्तार जबलपुर स्थित सिटी हॉस्पिटल के संचालक सरबजीत सिंह मोखा तथा अस्पताल कर्मचारी के खिलाफ भी पुलिस ने रासुका की कार्यवाही शुरू कर दी है। जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने इन दोनों आरोपियों के खिलाफ रासुका लगाए जाने के संबंध में पुलिस अधीक्षक के पास प्रतिवेदन भेजा है।

जांच के लिए गठित एसआईटी का नेतृत्व कर रहे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित केसवनी ने बताया कि मंगलवार को पुलिस ने सरबजीत सिंह मोखा को उसके सिटी हॉस्पिटल से गिरफ्तार किया। एसआईटी ने उससे नकली इंजेक्शन के संबंध में पूछताछ की है। उसके तथा पूर्व में गिरफ्तार किये गये अस्पताल कर्मी देवेश चौरसिया के खिलाफ रासुका की कार्रवाई करने पुलिस अधीक्षक को प्रतिवेदन भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि पूछताछ में यह बात सामने आई है कि इन्होंने 500 नकली इंजेक्शन गुजरात से मंगवाए गए थे। गुजरात से इंजेक्शन पहले इंदौर पहुंचे थे, फिर सड़क मार्ग से जबलपुर आए थे, जिनमें से 50 इंजेक्शन अस्पताल में भर्ती मरीजों को लगाए गये थे। शेष इंजेक्शन की रिकवरी अभी तक नहीं हो पाई है।

ओमती इलाके के नगर पुलिस अधीक्षक आर डी भारद्वाज ने बताया कि आरोपी मोखा को कल बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा। आरोपी से पूछताछ के लिए रिमांड प्राप्त करने पुलिस अदालत के समक्ष आवेदन पेश की करेगी।

उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती जिन मरीजों को नकली इंजेक्शन लगाए गए थे उनमें से किसी की मौत तो नहीं हुई है, इस संबंध में भी जांच जारी है।

इसी बीच, जिला अधिवक्ता संघ तथा उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन ने नकली इंजेक्शन के मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पैरवी नहीं करने की अपील अधिवक्ताओं से की है। अधिवक्ताओं ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग की है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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