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राजस्थान में प्राइवेट अस्पतालों की मनमनी पर लगी रोक, कोरोना के इलाज के लिए निर्धारित की दरें, ज्यादा चार्ज करने पर होगी कार्रवाई

By रामदीप मिश्रा | Updated: September 5, 2020 06:56 IST

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि विभाग द्वारा पूर्व में प्रदेश के निजी अस्पतालों में कोविड-19 के उपचार की दरें निर्धारित की गई थी लेकिन इसमें यह स्पष्ट नहीं था कि इन दरों के अलावा कौन-कौनसी जांचें, दवाइयां व विभिन्न खर्चे कोविड की चिकित्सा में शामिल हैं।

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ठळक मुद्देराजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने प्रदेश के कोरोना संक्रमितों को बड़ी राहत दी है।उन्होंने प्रदेश के निजी अस्पतालों में कोरोना के इलाज के दौरान होने वाले शुल्क की दरें निर्धारित कर दी हैं।

जयपुर: राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने प्रदेश के कोरोना संक्रमितों को बड़ी राहत देते हुए प्रदेश के निजी अस्पतालों में कोरोना के इलाज के दौरान होने वाले शुल्क की दरें निर्धारित कर दी हैं। उन्होंने कहा कि इन दरों के अनुसार ही सभी निजी अस्पतालों कोविड संक्रमितों का इलाज करना होगा। निर्देशों की पालना कड़ाई से नहीं करने वाले निजी अस्पतालों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. शर्मा ने बताया कि प्रदेश भर के कोविड केयर सेंटर, कोविड डेडिकेटेड अस्पतालों में आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। निजी चिकित्सालयों में कोरोना के इलाज की दरें समान रहे, इसके लिए लिए यह व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि इन दरों के लागू होने से इलाज के दौरान लगने वाले शुल्क पर मरीजों का भम्र नहीं रहेगा और निजी अस्पतालों की बेलगाम वसूली पर भी रोक लगेगी।

चिकित्सा मंत्री ने बताया कि नई दरों के अनुसार नेशनल एक्रिडेटेड व नॉन एक्रिडेटेड अस्पतालों में भर्ती होने पर संक्रमित मरीज से 5 हजार रुपए तक तथा गंभीर मरीज से 7500 रुपए और ज्यादा गंभीर मरीज से आईसीयू सहित 9 हजार रुपए तक शुल्क लिया जा सकेगा। इसमें 15 प्रकार के शुल्क जैसे परामर्श शुल्क, चार्जेज, पीपीई किट, बलगम पात्र, दवाएं, ट्यूब्स, बेड, नाश्ता, लंच, डिनर सहित कई अन्य वस्तु शामिल हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि विभाग द्वारा पूर्व में प्रदेश के निजी अस्पतालों में कोविड-19 के उपचार की दरें निर्धारित की गई थी लेकिन इसमें यह स्पष्ट नहीं था कि इन दरों के अलावा कौन-कौनसी जांचें, दवाइयां व विभिन्न खर्चे कोविड की चिकित्सा में शामिल हैं। ऐसे में भ्रम की स्थिति बनी रहती है। 

उन्होंने बताया कि ऎसी स्थिति में सभी जिला कलेक्टर, सभी राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य, वरिष्ठ चिकित्सकों व निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों से चर्चा के बाद निजी अस्पतालों में कोविड-19 के उपचार का प्रोटोकॉल एवं अधिकतम दरों का पुनःनिर्धारण किया गया है।

चिकित्सा मंत्री ने कहा कि जल्द ही प्रदेश के निजी अस्पतालों में रिक्त और अधिकृत किए बैडेड की स्थिति जानने के लिए एक सिस्टम विकसित किया जाएगा ताकि कोई भी अस्पताल यह कहकर मरीजों को ना लौटा दे कि सभी बैड फुल हैं। इससे कोई भी अस्पताल बैडेड की संख्या के बारे में झूठ नहीं बोल सकेगा।

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