लाइव न्यूज़ :

कूनो नेशनल पार्क में छह चीतों के गले से हटाये गये रेडियो कॉलर, दो चीतों को 'गंभीर संक्रमण'

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: July 24, 2023 08:19 IST

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में अफ्रीका से लाये गये चीतों की लगातार हो रही मौतों का क्रम रोकने के लिए वन्यजीव अधिकारियों ने कुल 6 चीतों की गर्दन पर लगे रेडियो कॉलर को हटा दिया है।

Open in App
ठळक मुद्देकूनो नेशनल पार्क में 6 चीतों की गर्दन पर लगा रेडियो कॉलर हटाया गया जिन 6 चीतों को रेडियो कॉलर से मुक्त किया गया है, उनमें से 2 चीतों को भयानक संक्रमण हुआ हैदक्षिण अफ्रीका से कूनो लाये गये 20 चीतों में से कम से कम आठ की अभी तक मौत हो चुकी है

नयी दिल्ली: मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में अफ्रीका से लाये गये चीतों की लगातार हो रही मौतों का क्रम रोकने के लिए वन्यजीव अधिकारियों ने कुल 6 चीतों की गर्दन पर लगे रेडियो कॉलर को हटा दिया है। जानकारी के मुताबिक जिन 6 चीतों को रेडियो कॉलर से मुक्त किया गया है, उनमें से 2 चीतों को रेडियो कॉलर के कारण भयानक संक्रमण हुआ है।

इस संबंध में वन्य अधिकारियों ने कहा कि बीते 11 और 14 जुलाई को दो चीतों की मौत के बाद रेडियो कॉलर हटाने का फैसला किया गया था। समाचार वेबसाइट इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार रेडियो कॉलर के कारण गंभीर संक्रमण से जूझ रहे दोनों चीतों का इलाज किया जा रहा है।

इससे पूर्व दक्षिण अफ़्रीका को चीता विशेषज्ञों ने चीतों की लगातार हो रही मौत के पीछे उनके गर्दन में लगे रेडियो कॉलर को जिम्मेदार ठहराया था। इस संबंध में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्य वन्यजीव वार्डन जेएस चौहान ने भी अफ्रीकी विशेषज्ञों की बात से सहमति जताते हुए चीतों को रेडियो कॉलर से मुक्त करने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि इस बात की पूरी आशंका है कि रेडियो कॉलर से चीतों में संक्रमण पैदा हो रहा हो।

कूनो नेशनल पार्क में चीतों पर बारीक निगाह रखने वाले वन अधिकारियों ने रविवार को कहा कि छह चीतों पावक, आशा, धीरा, पवन, गौरव और शौर्य की गर्दन से रेडियो कॉलर हटा दिए और उनकी चिकित्सीय जांच की जा रही है।

एक वन्य अधिकारी ने कहा, “चिकित्सा जांच में पता चला है कि कुछ चीतों को घाव हल्के थे, लेकिन गौरव और शौर्य नाम के नर चीतों में रेजियो कॉलर के कारण गंभीर संक्रमण था। हम उनका इलाज कर रहे हैं और यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि भविष्य में उन्हें फिर कभी रेडियो कॉलर की समस्या न उभरे। संक्रमण का एक कारण रेडियो कॉलर का डिज़ाइन भी हो सकता है और इसकी जांच चल रही है।”

मालूम हो कि पिछले सितंबर से नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल में लाये गये 20 चीतों में से कम से कम आठ की अभी तक मौत हो चुकी है। इनमें सबसे पहले 27 मार्च को साशा नामक नामीबियाई चीते की मौत हुई थी, जो किडनी की बीमारी से जूझ रहा था। अधिकारियों का मानना ​​है कि साशा को यह समस्या कूनो लाने से पहले ही ही थी।

वहीं 9 मई को दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता दक्षा की दो नर चीतों के साथ लड़ाई में मौत हो गई थी और उसके बाद 11 और 14 जुलाई को दो नर चीतों ताजस और सूरज की मौत हुई थी।

हालांकि वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने उन रिपोर्टों का खंडन किया है जिनमें ताजस और सूरज की मौत के पीछे रेडियो कॉलर से होने वाले संक्रमण को मुख्य कारण बताया गया था।

टॅग्स :मध्य प्रदेशसाउथ अफ़्रीका
Open in App

संबंधित खबरें

भारतMohan Yadav Bankura Visit: ममता अब दीदी नहीं, 'अप्पी' हो गई हैं?, पश्चिम बंगाल में जमकर गरजे सीएम मोहन

कारोबार1 अप्रैल को झटका, मध्य प्रदेश में दूध महंगा, 2-4 रुपये प्रति लीटर का इजाफा?

कारोबारविश्वनाथ मंदिर और महाकालेश्वर मंदिर ट्रस्ट के बीच एमओयू, सीएम मोहन यादव बोले- नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा देश

कारोबारMP-UP Sahyog Sammelan: मप्र-उप्र मिलकर लिखेंगे विकास की नई इबारत?, बाबा विश्वनाथ की शरण में सीएम डॉ. मोहन

कारोबारस्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में साझा होंगे नवाचार, 31 मार्च को मुख्यमंत्री यादव वाराणसी में रखेंगे मध्य प्रदेश का ओडीओपी मॉडल

भारत अधिक खबरें

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारतउत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?